उप संचालक कृषि ज्ञानसिंह मोहनिया के निर्देशन में खरीफ फसलों की स्थिति का अवलोकन हेतु जिले की डायग्नोस्टीक टीम द्वारा विकासखण्ड धार, तिरला, सरदारपुर के ग्रामों का भ्रमण किया गया।
धार@टीम भारतीय न्यूज़
सरदारपुर के ग्राम गांगोद, बांदेडी, बालोदा, केशरपुरा, खुटपला, बरगण्डल, लायरिया, जौलाना एवं सरदारपुर का भ्रमण कर सोयाबीन फसल का अवलोकन किया गया तथा कृषक छोटू पिता नंदराम, घुलचन्द्र पिता चम्पालाल, दिनेशचंद्र भारू ग्राम खुंटपला के कृषकों के खेतों का अवलोकन किया गया। इस दौरान पाया गया कि सोयाबीन अच्छी स्थिति में है, आगामी समय में कृषकों को जल भराव की स्थिति, जल निकासी की व्यवस्था समुचित रूप से कि जायें। जिससे फसल में कीट प्याची का प्रकोप कम से कम हो। आने वाले समय में सोयाबीन फसल में एन्थेकनोज नामक रोग के लिये टेयुकोनाजोल – 25.9% EC का 625 मिली प्रति हेक्ट, टेबुकोनाजोल 10% + सल्फर 65% WG का 1250 ग्राम प्रति हेक्ट यैलो मौजेक वायरस एवं स्टैमपलाई तना छेदक मक्खी) के लिये थायोमेथोक्जोम 12.6 % + लेमडा सायहेलोथिन 9.5% का 125 मिली प्रति हेक्ट. या बीटासायपलोथ्रीन 6.49% + इमिडाक्लोप्रिड 19.81% का 350 मिली. प्रति हेक्ट गर्डल बिटल – थायक्लोप्रिड 21.7 SC का 750 मिली. प्रति हेक्ट, प्रोफेनोफास 50% EC का 1 ली. प्रति हेक्ट, टेट्रानिलीप्रोल 18.18% SC का 250 से 300 मिली प्रति हेक्ट एवं कैटरपिलर या इल्ली के लिये क्लोर एन्ट्रानिलीप्रोल 18.5% SC का 150 मिली प्रति डेक्ट तथा पानी की मात्रा आवश्यक रूप से 500 लीटर प्रति हेक्टर लेकर छिडकाव करने की सलाह दी गई। साथ ही सोयाबीन फसल जो बाद में बुआई की गई उस फसल में किसान भाई छोरा चला सकतें है। डायग्नोस्टिक टीम में डॉ. जी. एस. गाविया वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र, टी. सी. छावनियां, सहायक संचालक कृषि, श्रीमति उर्मिला धुर्वे, अनुविभागीय कृषि अधिकारी राजेश बर्मन, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सरदारपुर एवं कृष्णा बुन्देला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी केन्द्र – खुंटपला उपस्थित थे।






























