मौला की सदाओं से गूंजा नगर का प्रमुख मार्ग,स्वागत के लिए पलके बिछाए खड़े रहे समाजजन।
धरमपुरी@जफर अली
बोहरा समाज के 53 वें धर्मगुरु डॉक्टर सय्यदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार को धरमपुरी पधारें यहां उन्होंने नवनिर्मित सैफी मस्जिद का लोकार्पण किया। ।उन्होंने सैफी मस्जिद मे प्रवचन मे समुदाय के सदस्यों को समाज के अन्य सदस्यों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रखते हुए संतोष और खुले विचारों से भरा जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने अपने अनुयाइयों को देश के प्रति वफादार नागरिक बने रहने और जिस देश में वे निवास करते हैं वहां के कानूनों और विनियमों का हमेशा पालन करने का संदेश दिया ।
सैयदना ने राष्ट्र की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना (दुआ) करते हुए अपना प्रवचन समाप्त किया।
धार जिले की प्रमुख तहसील मुख्यालय नर्मदा किनारे बसा ऐतिहासिक व धार्मिक नगर में सैफी मस्जिद रविवार शाम (14 मई) को पूरी तरह से भरी हुई थी क्योंकि हजारों दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्य अपने धर्म गुरु श्रद्धेय सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन का पुरजोश स्वागत करने के लिए परिसर में एकत्रित हुए थे। मार्च 2017 के बाद सय्यदना सैफुद्दीन की धरमपुरी की यह दुसरी यात्रा है।
धरमपुरी में दाऊदी बोहरा समाज के मीडिया समन्वयक इब्राहिम रिजवी ने बताया, “इतने लंबे समय के बाद सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की यात्रा पर हम सब बेहद खुश है समाज में चारो तरफ खुशी का माहौल हैं।
धरमपुरी मे में अपने प्रवास के दौरान, सैयदना सैफुद्दीन ने लक्ष्मीबाई रोड स्थित नवनिर्मित सैफी मस्जिद का उद्घाटन किया।
इब्राहिम रिजवी ने कहा, “हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते कि धरमपुरी में सैयदना की इस ऐतिहासिक यात्रा की मेजबानी करके हम कितने खुश और भाग्यशाली हैं। इस अवसर पर धरमपुरी में ही नहीं बल्कि आसपास के मनावर,इंदौर , महेश्वर और ठीकरी सहित अन्य क्षेत्रों से भी समुदाय के सदस्य शामिल हुए हैं। धरमपुरी में समाज के हजारों सदस्यों की मेजबानी करने में उनके निरंतर समर्थन और सहयोग के लिएअनुविभागीय अधिकारी, नगर परिषद धरमपुरी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एंव धरमपुरी थाना प्रभारी ,नगर व्यापारी संघ, सहित अन्य सामाजिक संगठनों एंव प्रशासनिक अधिकारियों का सराहनीय सहयोग रहा।
सैयदना साहब वर्तमान में मध्य प्रदेश के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में फैले निमाड़ क्षेत्र के कस्बों और गांवों का दौरा कर रहे हैं। सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब पिछले हफ्ते इंदौर, बेटमा, कुक्षी और डही ,बड़वानी, राजपुर ,सेंधवा होते हुए धरमपुरी पहुंचे।






























