मुस्लिम समाज का पवित्र रमजान माह का आगाज हो चुका है। जिसके बाद मस्जिदों में साज सजावट के साथ रौनक देखी जा रही है वही बाजारों में भी रौनक देखने को मिल रही है। छोटे छोटे बच्चे भी मुकद्दस रमजान माह में रोज कर खुदा की इबादत कर रहे हैं। मासूम बच्चों पर न चिलचिलाती धूप का असर हैं न भूख प्यास का। बच्चों के हौसला देख परिजन भी उनके साथ अलग अलग पकवान बना कर रोजा इफ्तार करते नजर आ रहे है।
धार@साबिर खान
धार शहर के भाजी बाजार निवासी अब्दुल बासित के 6 वर्षीय पुत्र मोहम्मद मोहियुद्दीन ने भी रमजान माह का पहला रोजा रखा, वही भाजी बाजार निवासी जावेद खान के 7 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सिद्दीक और पिंजरवाड़ी में रहने वाले शाहिद बागवान के 8 वर्षीय पुत्र मोहम्मद जकारिया बागवान ने भी रोजा रख कर खुदा की इबादत की। इसी तरह धार शहर के अनेकों बच्चों ने पहली बार रोजा रख कर खुदा की इबादत की। बच्चों ने माता पिता के साथ सेहरी कर रोजा रखा। पहला रोजा रखने से बच्चों के चेहरे पर भूख प्यास का असर साफ दिखाई दिया। कई बच्चों ने इस रमजान में अपना धूप अपना रोजा पूरा किया। बच्चों का उत्साह देख परिजनों ने भी इफ्तारी के लिए विशेष पकवान बनाए ओर सभी परिजनों ने बच्चों के साथ रोजा इफ्तार किया। बच्चों के रोजा रखने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल बना रहा और बच्चों ने भी रोजा रखकर खुश दिखाई दिये।






























