80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरा मध्यप्रदेश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वजारोहण किया। इससे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ और तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ की धुन के बीच पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया..
भोपाल@साबिर खान fm
ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। परेड में सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया, जबकि पुलिस बैंड ने देशभक्ति की धुनों से माहौल में जोश और राष्ट्रप्रेम का संचार किया। समारोह में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने भाग लिया।
अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), किसान कल्याण, सिंचाई, रोजगार, युवा, निवेश, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, संस्कृति, पर्यटन, ऊर्जा और पर्यावरण सहित कई क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया।
शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आजादी के आंदोलन में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों को नमन किया। उन्होंने रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल, टंट्या मामा भील और चंद्रशेखर आजाद सहित मध्यप्रदेश के अनेक वीर सपूतों के बलिदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर शहीद हुए पुलिस और हॉक फोर्स के जवानों को भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि ऐसे जांबाजों के शौर्य के कारण प्रदेश ने नक्सल मुक्त राज्य बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
UCC को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति समानता, समरसता और समभाव पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया जा रहा है। उनके अनुसार इसका उद्देश्य भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता बढ़ाना और महिलाओं को अन्याय एवं अत्याचार से मुक्ति दिलाना है।
18 अगस्त से गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती का आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती का उत्सव 18 अगस्त 2026 से पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा।
उन्होंने भारत की संस्कृति के मूल मंत्र ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को BRICS देशों के कृषि और संस्कृति से जुड़े आयोजनों की मेजबानी का अवसर मिलना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 7 अगस्त 2026 से ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान करना है।
इस अभियान का मूल मंत्र ‘न देरी, न दूरी’ रखा गया है और इसका पहला चरण 8 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये का है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है।
GYAN से GYANII तक—गरीब, युवा, नारी, किसान के साथ इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के GYAN मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब, युवा, नारी और किसान के साथ इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़कर मध्यप्रदेश ने इसे GYANII के रूप में विस्तारित किया है।
सरकार का फोकस अब रोजगार, निवेश, कौशल विकास और नए उद्योगों के विस्तार पर भी है।
2027 होगा ‘युवा वर्ष’
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 को निवेश एवं रोजगार वर्ष, वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और अब 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।
युवाओं के विकास के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा—
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- कौशल विकास
- उद्यमिता एवं स्वरोजगार
- सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में रोजगार
- स्टार्टअप को सहयोग
- खेल, कला, संस्कृति, शोध एवं अनुसंधान
- नेतृत्व क्षमता का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
ITI और Global Skill Park पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को ITI में कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इसके अलावा हर वर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्योग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए अलग प्लेसमेंट सेल बनाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
स्टार्टअप की संख्या 12 हजार से अधिक करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में लगभग 8 हजार स्टार्टअप संचालित हैं और इनमें करीब 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में स्टार्टअप की संख्या 12 हजार से अधिक करने और प्रदेश में 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का है।
ड्रोन, सेमीकंडक्टर, AI, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में MSME की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल
मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल हैं और खेत से पैदा होने वाला हर दाना प्रसाद के समान है।
वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को खाद-बीज, बिजली, सिंचाई, MSP पर उपार्जन, भावांतर, फसल बीमा, राहत और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ देने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
सिंचित खेती बनेगी रोजगार का बड़ा माध्यम
मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेती में नई तकनीक और उद्यानिकी फसलों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संतरा, केला, अंगूर, सीताफल, सब्जियां, मसाले, मखाना, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, गेंदा और गुलाब जैसी फसलें किसानों की आय और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं।
प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के लक्ष्य की भी बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दुग्ध संकलन लगभग 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
44,600 करोड़ की केन-बेतवा परियोजना का जिक्र
मुख्यमंत्री ने सिंचाई के क्षेत्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम छोर के अंतिम खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
वर्ष 2028-29 तक मध्यप्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘मृगनयनी’ बना देश का पहला सार्वजनिक उपक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मृगनयनी’ देश का ऐसा पहला सार्वजनिक उपक्रम बन गया है, जिसने प्रदेश के बुनकरों, कलाकारों और ODOP उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर प्रदेश में हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
धार के PM मित्र पार्क का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में धार के PM मित्र पार्क को भी प्रदेश के औद्योगिक विकास की बड़ी परियोजनाओं में शामिल किया। उन्होंने कहा कि धार में 21,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ यह परियोजना प्रदेश में वस्त्र उद्योग को नई दिशा देने वाली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
हर जिले में बनेगा MSME पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विजन प्रत्येक जिले में एक MSME पार्क स्थापित करना है। इसके साथ ही प्रदेश में 10 MSME क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि Global Investors Summit-2027 का आयोजन भोपाल में किया जाएगा, जिससे निवेश और रोजगार को और गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के सभी 55 जिलों की निर्यात कार्य योजनाएं तैयार किए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पंचायत से लेकर संसद तक महिला सशक्तिकरण के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से लगभग 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियां जुड़ी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 2 हजार डॉक्टरों की नियुक्ति का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए पिछले तीन महीनों में 1 हजार नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है और अगले छह महीनों में एक हजार और डॉक्टरों की नियुक्ति का लक्ष्य है।
1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की योजना का भी उल्लेख किया गया। मरीजों की जांच रिपोर्ट और अन्य जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराने की बात कही गई।
प्रदेश में एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय खोलने और 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालयों का निर्माण शुरू करने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
सड़क, मेट्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में करीब 23 हजार करोड़ रुपये की लागत से 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया गया है।
इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर, इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और उज्जैन-जावरा हाईवे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।
भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित करने के साथ भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की बात कही गई।
मध्यप्रदेश बनेगा Renewable Energy Power Center
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा का नया पावर सेंटर बन रहा है। प्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है, जिसे आने वाले वर्षों में 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।
नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उल्लेख किया गया।
प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसों के संचालन की योजना की भी जानकारी दी गई।
उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के भव्य आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। शिप्रा नदी के जल और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास पर सरकार का फोकस है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को पूरी दुनिया के सामने नई ऊंचाई देगा।
17 धार्मिक और सांस्कृतिक लोकों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां भव्य सरस्वती लोक बनाया जाएगा और राजा भोज संस्थान की स्थापना की जाएगी।
इसके साथ ही श्रीराम वन गमन पथ और श्री कृष्ण पाथेय जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
वन और वन्यजीव संरक्षण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर को मिलाकर प्रदेश में 52 चीतों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया।
कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों के स्थानांतरण और कछुओं एवं घड़ियालों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की जानकारी भी दी गई।
पुलिस भर्ती और साइबर सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में भर्ती और पदोन्नति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है, जबकि 9,751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
साइबर अपराधों से निपटने और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक Cyber Security Research Center स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ
मुख्यमंत्री ने शासकीय कर्मचारियों को कर्मयोगी बताते हुए कहा कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए सरकार ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेशभर में 67 हजार से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल चुका है।
अंतिम संदेश : विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प..
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के अंत में प्रदेशवासियों से आने वाले 20 वर्षों में विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सरकार और जनता को मिलकर काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए आज का परिश्रम ही आने वाले कल की सफलता की नींव बनेगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन देशभक्ति और मध्यप्रदेश के विकास के संकल्प के साथ हुआ। मुख्यमंत्री के संबोधन में युवा, रोजगार, किसान, महिला, निवेश, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और सुशासन को प्रदेश के भविष्य की दिशा के प्रमुख आधार के रूप में रेखांकित किया गया।






























