मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
हरदा@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले की कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को जबलपुर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक सोच और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का अभियान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा प्रदेश का अग्रणी कृषि जिला है और नर्मदा का जल यहां की खेती को समृद्ध बना रहा है। सरकार 16 विभागों की समन्वित कार्ययोजना के माध्यम से फसल उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी, फल, सब्जी, मसाले और फूलों की खेती को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने किसानों से मिट्टी परीक्षण कराने, फसल विविधीकरण अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक दौर में ड्रोन तकनीक का उपयोग खेती में तेजी से बढ़ रहा है और राज्य सरकार किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है और पिछले ढाई वर्षों में इसमें 10 लाख हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने घोषणा की कि वर्षाकाल के बाद किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए लिए जा रहे निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर किसानों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया, जबकि विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रदर्शनी एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक खेती की जानकारी भी दी गई।






























