मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए बड़वानी जिले के किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी की प्रसिद्ध लाल मिर्च को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सरकार जीआई (Geographical Indication) टैग दिलाने का प्रयास करेगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ निर्यात के नए अवसर भी मिलेंगे।
5 हजार करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी खेती..
सीएम ने बताया कि करीब 5 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं से 319 गांवों की 1.21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की कुल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है।
खेसिया मंडी बनेगी आदर्श मंडी..
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खेसिया मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकेंगे।
खाद-बीज की कमी नहीं, आधुनिक खेती अपनाने का आह्वान..
मुख्यमंत्री ने किसानों से वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और एग्री-स्टार्टअप शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है तथा सरकार किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है।
पीएम मित्रा पार्क और फूड प्रोसेसिंग से मिलेगा लाभ..
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से बड़वानी के कपास उत्पादक किसानों और युवाओं को रोजगार एवं उद्योग के नए अवसर मिलेंगे। वहीं मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर बनने से जिले के प्रसिद्ध केले को वैल्यू एडिशन और वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा..
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के लिए यदि भूमि अधिग्रहित की जाती है तो किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं..
मुख्यमंत्री ने बताया कि—
7 लाख से अधिक सोयाबीन किसानों को 1,475 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
सरसों और धान को भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया गया है।
किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और भविष्य में 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य है।
डेयरी स्थापित करने के लिए 42 लाख रुपये तक का ऋण तथा 33 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
बड़वानी को जल्द रेल कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, आधुनिक कृषि और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।






























