मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र के साथ बुधवार से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली और विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया।
धार@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री के अचानक स्कूल पहुंचने से छात्राओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से बातचीत की, उनके सवालों के जवाब दिए और कई छात्राओं के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया। उन्होंने विज्ञान प्रयोगशाला में छात्राओं द्वारा किए जा रहे प्रयोगों और शैक्षणिक गतिविधियों की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में मध्यप्रदेश ने प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य करने में सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत की प्रगति हुई है। सरकार ने मौजूदा सत्र में 1 करोड़ 45 लाख विद्यार्थियों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुंचाना और किसी भी विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित न रहने देना है।






























