नागदा में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, विकास और राम राज्य की अवधारणा पर रखा जोर..
नागदा@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार राम राज्य की भावना को आधार बनाकर गरीबों, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण हुआ, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही आस्था को सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से त्याग, सेवा और आदर्श जीवन की प्रेरणा मिलती है।
श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का हो रहा विकास…
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उन सभी स्थानों को विकसित कर रही है, जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे। इन्हें श्रीराम वन गमन पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट धाम का विकास किया जा रहा है, जबकि सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए भी बड़े स्तर पर विकास कार्य जारी हैं।
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में धार, नागदा और रतलाम भी शामिल…
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों का भी तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में अब धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री वॉल और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास की घोषणा भी की।
दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य…
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन को वर्तमान 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही प्राकृतिक खेती और गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की भी बात कही गई।






























