सीहोर जिले के ग्राम पिपलिया मीरा में स्थित गायत्री पनीर फैक्ट्री क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबतों का सबब बनती जा रही है । पनीर फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित जहरीला पानी किसानों की फसल को बर्बाद कर रहा है यही नहीं इस दूषित पानी से जीव जंतु मवेशी भी मर रहे हैं।
सीहोर@टीम भारतीय न्यूज़
लेकिन 10 वर्षों से इस गंभीर मामले को लेकर किसान समय-समय पर प्रशासन व शासन का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं लेकिन क्या मजाल है की प्रशासन या शासन किसानों की परेशानी की सुनवाई कर ले ।
आपको बता दें कि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान इसी जिले से आते हैं ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि पनीर फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित जल को लेकर पिछले 10 वर्षों से किसान शासन का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन ने अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मानो यह फैक्ट्री प्रदेश के मुखिया के इशारे पर ही चल रही है ।
किसानों के हितों का ढिंढोरा पीटने वाले शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों की अनसुनी करने के बाद जिले के ग्राम चंदेरी पिपलिया मीरा एवं बिजलोन के किसानों ने कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और जहरीला पानी छोड़ने वाली गायत्री फ्रूट पनीर फैक्ट्री के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है । गायत्री पनीर फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषित पानी ना केवल किसानों की जमीन को बर्बाद कर रहा है बल्कि किसानों के स्वास्थ्य को भी खराब कर रहा है इसके जहरीले पानी से 3 गांव चपेट में आ गए हैं जिससे कई प्रकार की बीमारियां गांव में फैल चुकी है मवेशी भी मौत के शिकार हो चुके हैं इसके उपरांत भी 10 वर्षों से लगातार मांग किए जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जाना ग्रामीणों के साथ सीधे सीधे तौर पर धोखा माना जा रहा है तथा ग्रामीणों के मानव अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है । चुनाव नजदीक आ गए हैं ऐसे में अब देखना होगा कि अपने ही जिले के किसानों की उपेक्षा करने वाले मुखिया अभी भी इन किसानों की सुध लेते हैं या नहीं ।
ऐसा लगता है कि गायत्री पनीर फैक्ट्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रहमो करम पर चल रही है वरना शिवराज सिंह चौहान के जिले सीहोर की यह घटना का 10 वर्ष पूर्व ही निपटारा किया जा चुका होता!






























