शहर काजी वकार सादिक ने बताया कि मुस्लिम समाज का महत्वपूर्ण त्यौहार शबे बारात 7 मार्च मंगलवार के दिन मनाया जाएगा। इस रात को सभी मुस्लिम समाज के लोग पूरी रात मस्जिदों में और अपने घरों में इबादत करेंगे और अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा कर मगफिरत की दुआ मांगेंगे।
धार@साबिर खान
इस रात की इस्लाम के अंदर बहुत मान्यता है शहर काजी वकार सादिक ने बताया कि इस्लामी महीनों के हिसाब से शाबान महीने की 15वीं रात को शबे बरात कहा जाता है आपने बताया जिस रात के कई नाम है लैलातुल बारात (निजात की रात),लैलतुल रहमत (रहमत वाली रात) इस रात के बारे में कुरान में भी आया है के अल्लाह ने फरमाया कि इस रात को मेरे हुकुम से हर हिकमत वाला काम तकसिम कर दिया जाता है इस रात इबादत का बहुत सवाब आता होता है इसी रात और सुबह को मुस्लिम समाज के लोग कब्रस्तान में जाकर दुआएं करते हैं।
शहर काजी ने सभी मुस्लिम नौजवानों से अपील की है कि इस रात को खेल तमाशे में होटलों में सड़कों पर बाइक दौड़ाकर हुल्लड़ बाजी कर ना गुजारे बल्कि अपने मोहल्ले की मस्जिदों में दिल लगाकर अल्लाह की इबादत करें साथ ही शहर काजी साहब ने नगरपालिका से अपील की है कि वह मुस्लिम मोहल्लों की मस्जिदों के आसपास और कब्रिस्तान में साफ-सफाई एवं अतिरिक्त लाइट की व्यवस्था का माकूल इंतजाम करें साथ ही सभी मुस्लिमों से अपील की है कि वह इस रात को देश ओर धार शहर की तरक्की और अमन अमान के लिए भी दुआ करें व जो लोग इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके हैं उनके लिए भी और अपने लिए भी दुआ करें।






























