दिन पूर्व मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों को प्रकरण की सुनवाई हेतु प्रकरणों को लिस्टेड किया गया है लिस्ट प्रकरण की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है जिसको लेकर जिला अधिवक्ता संघ दमोह एवं प्रदेश की अनेक अधिवक्ता संघ ने अपना विरोध दर्ज किया है।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
जिसको लेकर दमोह के वकीलों ने गुरुवार दोपहर जिला अधिवक्ता संघ दमोह के सेंट्रल हाल में सामान्य सभा का आयोजन कर विस्तृत चर्चा की एवं पक्षकारों को होने वाली असुविधा हो के बारे में गंभीरता से चिंतन किया गया, पूर्व में अधिवक्ताओं ने संकतिक विरोध दर्ज कराते हुए काला रीविन बांधा, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दूसरी सूची भेजे जाने पर 1 दिन का सांकेतिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया साथ ही नेशनल लोक अदालत मैं उपस्थित ना होने एवं सहयोग ना करने का निर्णय लिया था! अध्यक्ष सुरेश मेहता ने बताया कि लिस्टेड प्रकरण की सूची से अधिवक्ताओं को समस्या हो रही है जिस कारण सामान्य सभा ने शुक्रवार से लेकर 28 फरवरी तक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है! शुक्रवार को पूरे प्रदेश के वकील कार्य से विरत है! वाइस प्रेसिडेंट मुकेश पाण्डेय ने बताया कि जिला अधिवक्ता संघ दमोह हमेशा से ही पक्षकारों को उचित एवं सुलभ न्याय दिलाने के लिए संकल्पित रहा है माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में बांधे जाने से पक्षकारों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, अधिवक्ता संघ पक्षकारों की हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत है, साथ ही प्रदेश के अन्य अधिवक्ता संघ भी नेशनल लोक अदालत के वहिष्कार के माध्यम से लिस्टेड प्रकरणों का सांकेतिक विरोध दर्ज कराया था लेकिन समस्या का समाधान ना होने के कारण अब समस्त अधिवक्ता 28 फरवरी तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे! सचिव रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल जिनमें अध्यक्ष सुरेश मेहता उपाध्यक्ष मुकेश पाण्डेय वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल धगट ने माननीय उच्च न्यायालय में अपना ज्ञापन सौपकर समस्या को हल करने का निवेदन किया था लेकिन अभी तक संतुष्टि पूर्ण किसी प्रकार का कोई आश्वासन या राहत अधिवक्ताओं को प्रदान नहीं की गई है! शुक्रवार को पूरे प्रदेश के अधिवक्ता कार्य से विरत रहेंगे दमोह के अधिवक्ता 28 फरवरी तक कार्य से विरत रहेंगे के कार्य से विरत रहने के दौरान कोई भी न्यायिक कार्य नोटरी कार्य या किसी भी प्रकार का कोई कार्य अधिवक्ता नहीं करेंगे, साथ ही एक ज्ञापन हाई कोर्ट भेजा जावेगा!






























