मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य शिक्षा, साइबर सुरक्षा और कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कुल 10 हजार 630 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है..
भोपाल@साबिर खान fm
इन फैसलों में 12 प्रमुख सड़कों के लिए ₹4,600 करोड़ के ऋण की सरकारी गारंटी, सिवनी-बालाघाट फोरलेन मार्ग के लिए करीब ₹3,960 करोड़, सामाजिक कल्याण की 19 योजनाओं के लिए ₹1,740 करोड़ और मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में 244 पदों को मंजूरी प्रमुख है।
12 सड़कों के लिए ₹4,600 करोड़ के ऋण की गारंटी..
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम यानी एमपीआरडीसी को नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस यानी NIDA के माध्यम से 12 मार्गों के निर्माण के लिए ₹4,600 करोड़ का ऋण लेने के लिए राज्य शासन की ओर से गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इन परियोजनाओं में भोपाल-विदिशा, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास, नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़, इंदौर-देपालपुर, चापड़ा-नेवरी-देवास, दिनारा-दतिया-सेवढ़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खिमलासा तथा सुंदरा-सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया-गोहदा-सिरमौर मार्ग शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक ऋण की राशि का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ‘जस्ट इन टाइम’ यानी JIT सिद्धांत के आधार पर किया जाएगा।
22 प्रमुख सड़कों का एमपीआरडीसी को हस्तांतरण..
कैबिनेट ने राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित करने का फैसला किया है।
इन मार्गों से मिलने वाले टोल और अन्य आय से ऋण तथा ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। स्वीकृत ऋण सीमा के भीतर मार्गों में बदलाव या नए मार्गों के चयन का अधिकार एमपीआरडीसी के संचालक मंडल को दिया गया है।
सिवनी-बालाघाट फोरलेन के लिए ₹3,960 करोड़ की मंजूरी..
कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट 91.64 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन और पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए कुल ₹3,960 करोड़ 9 लाख की मंजूरी दी है।
परियोजना की निर्माण और वित्तीय लागत ₹3,458 करोड़ 93 लाख निर्धारित की गई है। इसमें 40 प्रतिशत यानी ₹704 करोड़ 38 लाख राज्य बजट से और शेष ₹2,253 करोड़ 39 लाख राशि 15 वर्षों की संचालन अवधि में छमाही एन्यूटी के रूप में खर्च की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण और अन्य प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियों तथा सुपरविजन चार्ज के लिए भी ₹501 करोड़ 16 लाख मंजूर किए गए हैं।
यह मार्ग सिवनी को बालाघाट से जोड़ने के साथ ही कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व, खनिज क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा। सरकार के अनुसार इससे करीब 8 से 10 लाख लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकती है।
गरीब और कमजोर वर्गों की 19 योजनाओं के लिए ₹1,740 करोड़..
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कैबिनेट ने ₹1,740 करोड़ मंजूर किए हैं।
इन योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, निराश्रितों, गरीब और कमजोर वर्गों, कन्या विवाह-निकाह सहायता, नशा पीड़ितों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
इनमें राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, बहु-विकलांग एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मुख्यमंत्री निकाह योजना, कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरण, दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण और नशे की मांग में कमी लाने से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पदों को मंजूरी..
उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के प्रभावी संचालन के लिए कैबिनेट ने कुल 244 पदों/व्यक्तियों को रखे जाने की मंजूरी दी है।
इनमें 154 नियमित पद, 1 संविदा पद और 89 आउटसोर्स पद शामिल हैं।
सरकार के अनुसार विश्वविद्यालय के माध्यम से स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े संस्थानों की संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था विकसित होगी। इससे परीक्षा, मूल्यांकन, परिणाम और प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
साइबर सुरक्षा के लिए ₹80 करोड़ की मंजूरी..
प्रदेश में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य कम्प्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट-रिस्पॉन्स ऑपरेशन सेंटर के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹80 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने प्रशासनिक, तकनीकी, कंसल्टेंसी, इंसीडेंट रिस्पॉन्स, फॉरेंसिक और SOC गतिविधियों के लिए 25 नए पदों सहित करीब ₹3.99 करोड़ की वित्तीय लागत को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा साइबर सुरक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से इंजीनियरिंग स्नातकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की जाएगी। हर वर्ष 10 प्रशिक्षुओं को एक साल के लिए ₹25 हजार प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा।
नई दिल्ली में मध्यप्रदेश भवन और अन्य कार्यालयों के लिए ₹250.67 करोड़..
कैबिनेट ने आवासीय आयुक्त कार्यालय और मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली से संबंधित विभिन्न योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए ₹250 करोड़ 67 लाख की मंजूरी दी है।
इसमें मध्यप्रदेश भवन, विशेष आयुक्त कार्यालय, न्यायिक स्टाफ की परिवहन व्यवस्था, मुंबई स्थित मध्या लोक कार्यालय और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए राशि शामिल है।
नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण के लिए भी करीब ₹44.58 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।
आपसी सहमति से भूमि खरीद नीति में बदलाव..
कैबिनेट ने 12 नवंबर 2014 की आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन को मंजूरी दी है।
संशोधन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की निजी कृषि भूमि के लिए कलेक्टर द्वारा जारी गाइडलाइन की प्रभावी दर के अनुसार गणना किए गए मूल्य की दोगुनी राशि को भी पुनर्वास अनुदान के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया है, निर्धारित शर्तों के अनुसार।
सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्त करने में लगने वाले समय और लागत को कम करना तथा भू-धारकों की सहमति से भूमि उपलब्ध कराकर विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है।
EOW को भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई के लिए अधिकृत किया जाएगा..
कैबिनेट ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की जगह लागू भारतीय न्याय संहिता, 2023 में परिवर्तित धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, मध्यप्रदेश को अधिकृत करने से संबंधित गृह विभाग की अधिसूचना में संशोधन को मंजूरी दी है।
ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ियों को ₹78 लाख..
कैबिनेट ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) में स्वर्ण पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ियों और उनके तीन प्रशिक्षकों को कुल ₹78 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की कार्योत्तर स्वीकृति दी है।
मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनीता सराठे, दुर्गा येबले और सुषमा पटेल को 25-25 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसमें 10-10 लाख रुपये नकद और 15-15 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में शामिल हैं।
वहीं खिलाड़ियों के प्रशिक्षक सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों का फोकस..
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुए इन फैसलों में सड़क और परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य शिक्षा, साइबर सुरक्षा, सामाजिक कल्याण, भूमि अधिग्रहण व्यवस्था और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को प्रमुखता दी गई है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं और योजनाओं से प्रदेश में कनेक्टिविटी, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा और डिजिटल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।






























