मध्यप्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे..
रीवा@साबिर खान fm
रीवा में उन्होंने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं अन्य अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, बिजली, पशु चिकित्सा और फसल क्षति को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राहत कैंपों में भोजन, पानी और इलाज की व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिन इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है, वहां राहत कैंपों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। शिविरों में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहें।
उन्होंने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि के कारण जिन लोगों के घर या खाने-पीने का सामान नष्ट हुआ है, उन्हें तत्काल नियमानुसार आरबीसी 6(4) के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। जिन क्षेत्रों से बाढ़ का पानी उतर चुका है, वहां तत्काल शासकीय अमले को भेजकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने को कहा गया।
पेयजल की शुद्धता पर विशेष जोर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जल स्रोतों और हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर सहित आवश्यक प्रक्रिया से क्लोरीनेशन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों और नगरीय निकायों के वार्डों में बाढ़ का प्रभाव रहा है, वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं और लोगों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए।
बुखार और सर्दी-जुकाम को भी गंभीरता से लेने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुखार, सर्दी-जुकाम सहित सामान्य दिखाई देने वाले लक्षणों को भी गंभीरता से लिया जाए, ताकि किसी तरह की बीमारी या महामारी की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिन गांवों में अतिवृष्टि के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए।
पशुओं के इलाज और चारे की व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा विभाग को भी सक्रिय करने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के इलाज के लिए चिकित्सकीय दल भेजने और गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, भोजन और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
यदि बाढ़ के दौरान किसी पशु की मृत्यु हुई है तो उसके शव का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संक्रमण या बीमारी फैलने का खतरा न रहे।
फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी फसल क्षति की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि फसल की बुवाई शुरुआती अवस्था में थी और अतिवृष्टि के कारण नष्ट हो गई है, तो किसानों को आवश्यकता के अनुसार बीज आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में फील्ड में मौजूद रहने के निर्देश दिए।
प्रभावित क्षेत्रों में अलग-अलग विभागों की टीमें बनाकर भेजने और जमीनी स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा गया।
जलभराव वाले गुलाब नगर क्षेत्र का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा के गुलाब नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों और राहत कार्यों की जानकारी ली।
24 से 27 अगस्त के बीच बारिश को लेकर भी अलर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच जिन जिलों में वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना है, वहां प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव के सभी इंतजाम तत्काल सक्रिय करने को कहा गया है।
जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार मिलेगी सहायता
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि अतिवृष्टि के दौरान जिन नागरिकों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा जहां जनहानि या पशुहानि हुई है, वहां नियमानुसार सरकार की ओर से मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि बीते दो दिनों से बारिश थमने के बाद अधिकांश नागरिक राहत शिविरों से अपने घरों को लौट चुके हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर लगाकर नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश, किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसे देखते हुए कृषि विभाग को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने और किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।






























