सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा फैसला, 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक पदों पर खेल कोटे से होगी नियुक्ति, लिखित परीक्षा और PET से मिलेगी छूट..
भोपाल@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलते हुए मध्यप्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए गृह विभाग द्वारा ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इस संबंध में 15 जून को अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सरकार का कहना है कि संशोधित नियमों के जरिए खिलाड़ियों के चयन, पात्रता और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है। इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब नौकरी के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक पदों पर होगी भर्ती…
नई व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश पुलिस में खेल कोटे से 10 उप निरीक्षक (SI) और 50 आरक्षक (Constable) पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया का आयोजन नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को स्थायी और संरचित रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
खिलाड़ियों को मिलेगी विशेष छूट…
संशोधित नियमों के अनुसार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और ऊंचाई जैसे शारीरिक मापदंडों में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से भी छूट मिलेगी।
पदक विजेताओं के साथ-साथ अब ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे।
कौन बन सकेगा उप निरीक्षक?
उप निरीक्षक पद के लिए वे खिलाड़ी पात्र होंगे जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया हो। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को भी पात्रता मिलेगी।
कौन बन सकेगा आरक्षक?
राष्ट्रीय खेलों तथा अधिकृत राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के लिए पात्र होंगे। उप निरीक्षक पद की पात्रता रखने वाले खिलाड़ी स्वतः ही आरक्षक पद के लिए भी योग्य माने जाएंगे।
खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा…
राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल खिलाड़ियों को सम्मानजनक रोजगार देने के साथ-साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला मध्यप्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।






























