जन-कल्याण और विकास को मिली रफ्तार, किसानों से लेकर शहरी परिवहन तक कई अहम निर्णय…
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में जन-कल्याण, कृषि, व्यापार और आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने किसानों और व्यापारियों को राहत देते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। वहीं, भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत और अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था के लिए 13,565.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
कपास पर मंडी फीस आधी, उद्योग और किसानों को मिलेगा लाभ…
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कपास पर लगने वाली मंडी फीस को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की स्थानीय जिनिंग एवं टेक्सटाइल इकाइयों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इसके साथ ही किसान हित को ध्यान में रखते हुए सामान्य मंडी शुल्क को 1 रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये किया गया है। इस बढ़ोतरी से प्राप्त होने वाली लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का उपयोग किसान सड़क निधि तथा कृषि अनुसंधान एवं विकास कार्यों में किया जाएगा।
फसल उपार्जन के लिए 8,600 करोड़ रुपये की गारंटी…
रबी और खरीफ विपणन सत्रों में किसानों से फसलों की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने मध्यप्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन (मार्कफेड) और एमपीएससीएससी को 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति (गारंटी) देने की मंजूरी दी है।
इस निर्णय से किसानों को समय पर भुगतान और फसल उपार्जन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भोपाल मेट्रो परियोजना को बड़ी वित्तीय मंजूरी
राजधानी भोपाल में निर्माणाधीन मेट्रो रेल परियोजना को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ रुपये थी, जिसमें 3,092.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़ते हुए संशोधित परियोजना लागत 10,033.62 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है।
इसके अलावा परियोजना के अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532.22 करोड़ रुपये की भी मंजूरी दी गई है। इस प्रकार भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए कुल 13,565.84 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
अतिरिक्त वित्त पोषण में शामिल प्रमुख प्रावधान
अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति के अंतर्गत—
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 995.09 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इक्विटी।
केंद्रीय करों के लिए 84.54 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण।
वित्तीय संस्थाओं से ऋण व्यवस्था हेतु 1,620.64 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पीटीए-आंतरिक ऋण।
भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों के लिए 138.38 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण।
राज्य करों के लिए 446.35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान।
आईडीसी (Interest During Construction) लागत के लिए 246.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।
विकास और जनहित पर सरकार का फोकस…
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में कृषि, उद्योग, रोजगार और शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से किसानों को बेहतर सुविधाएं, उद्योगों को प्रोत्साहन और नागरिकों को आधुनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
कपास पर मंडी फीस 1% से घटाकर 0.5% की गई।
किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के लिए 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का प्रावधान।
फसल उपार्जन के लिए 8,600 करोड़ रुपये की शासकीय गारंटी मंजूर।
भोपाल मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत 10,033.62 करोड़ रुपये स्वीकृत।
अतिरिक्त वित्त पोषण सहित कुल 13,565.84 करोड़ रुपये की मंजूरी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने लिए अहम फैसले।






























