मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया वर्चुअल भूमिपूजन, कहा – भारत बन रहा ग्लोबल फार्मा हब, मध्यप्रदेश निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका…
पीथमपुर/भोपाल@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश के औद्योगिक नगर पीथमपुर को एक और बड़ी औद्योगिक सौगात मिली है। वैश्विक हेल्थकेयर कंपनी हेलियन ग्रुप ने भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए पीथमपुर में भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से इस परियोजना का शुभारंभ करते हुए इसे मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और निवेश आकर्षण का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली यह यूनिट न केवल प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगी, बल्कि 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। कंपनी ने अपने रोजगार ढांचे में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 30 प्रतिशत पदों पर महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत आज तेजी से ग्लोबल फार्मा हब के रूप में उभर रहा है और इस दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, निवेशकों के लिए सरल प्रक्रियाओं और बेहतर औद्योगिक वातावरण के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियां मध्यप्रदेश को निवेश के लिए प्राथमिकता दे रही हैं।
हेलियन ग्रुप की यह अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा हेलियन प्लांट बताया जा रहा है। इस संयंत्र से तैयार उत्पादों का निर्यात एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के विभिन्न देशों में किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश की वैश्विक औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में उनके यूके रोड शो के दौरान निवेशकों के साथ हुई चर्चाओं का सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि उस समय बोया गया निवेश का बीज आज एक बड़ी औद्योगिक परियोजना के रूप में आकार ले रहा है।
डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर उद्योगों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाइयां सक्रिय हैं, जो प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और स्वास्थ्य विनिर्माण केंद्रों में शामिल करती हैं।
इस परियोजना को पीथमपुर और पूरे मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे रोजगार, निर्यात और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।






























