मध्यप्रदेश सरकार आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचाने और लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशव्यापी ‘जनकल्याण शिविर’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर 12 जून से 18 जून 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों के प्रत्येक विकासखंड और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें तत्काल लाभ उपलब्ध कराना और आमजन की शिकायतों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करना है।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से सभी विभागों के समन्वय से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों में अधिकतम संख्या में नागरिकों को लाभान्वित किया जाए और समस्याओं का समाधान यथासंभव तत्काल किया जाए।
वंचित हितग्राहियों की होगी पहचान…
शिविरों के दौरान जिला प्रशासन और विभागीय मैदानी अमले द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र लेकिन अब तक लाभ से वंचित लोगों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनका पंजीयन, स्वीकृति और लाभ वितरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी।
इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण (आईएचएचएल) से संबंधित आवेदनों को भी स्वीकार कर उनका पंजीयन और निराकरण किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों की रहेगी अनिवार्य उपस्थिति…
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार शिविरों का रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि कलेक्टर, अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित सभी प्रमुख विभागों के जिला अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहें।
अधिकारी विभागीय योजनाओं, सेवाओं, शिकायतों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग…
राज्य सरकार ने अभियान की निगरानी के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से विशेष व्यवस्था की है। शिविरों में प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके लिए पोर्टल पर अलग मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों को लॉगइन सुविधा उपलब्ध होगी।
सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित प्रकरण, राजस्व संबंधी मामलों और अन्य जनशिकायतों के निराकरण के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी सुविधाएं…
जनकल्याण शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पंजीयन और सेवा वितरण की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। शिविरों में केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
इसके साथ ही लाभ वितरण कार्यक्रम, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियों का प्रस्तुतीकरण और जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। नागरिकों की सुविधा के लिए शिविर स्थलों पर पेयजल, छाया और स्वच्छता जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी सुनिश्चित…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि शिविरों के आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा तय कर आवेदकों को जानकारी दी जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह अभियान न केवल पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएगा, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा। जनकल्याण शिविरों के माध्यम से प्रदेश के लाखों नागरिकों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।






























