संपदा 2.0 के तहत जिले में पहली रजिस्ट्री सरदारपुर में हुई रंगीन प्रिंट दिया गया।
मध्यप्रदेश में पंजीयन विभाग के लिए संपदा-2 वर्जन की लॉचिंग हो गई है धार जिले के स्थानीय पंजीयन विभाग में भी इस वर्जन को लेकर काम शुरु हो गया नए नियम के तहत अब किसी प्रापर्टी की रजिस्ट्री होगी तो उसमें उसकी अपडेट फोटो भी अपलोड करनी होगी।
धार@साबिर खान Fm
धार जिले में इस बार नवरात्रि में लोगों ने प्रॉपर्टी के 900 से ज्यादा सौदे किए मगर संपदा में यह पहला कलर पंजीयन हुआ।
एआई पर आधारित संपदा-2 साफ्टवेयर जिले के पंजीयन विभाग में शुरू हो गया है।विभाग के काम अब इसी सिस्टम से होंगे दरअसल काम के इस बदलते स्वरूप का उद्देश्य उसे सरल और आसान करना है।
ये साफ्टवेयर कार्य को बेहतर बनाने के साथ उसे सरल करेगा इससे कर्मचारियों के साथ धारकों को भी लाभ मिलेगा।
धोखाधड़ी पर लगेगी रोक ओटीपी से होगी रजिस्ट्री मोबाइल पर देख सकेंगे गाइडलाइंस..
रजिस्ट्रार डॉ.प्रभात बाजपेई ने बताया कि नई प्रणाली पूरी तरह से ऑनलाइन है जिसमें फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रहेगी पहले लोग मकान को खाली प्लॉट दर्शा देते थे लेकिन अब लोकेशन पर पहुंचकर फोटो खींचना होगा जो लोकेशन के माध्यम से सॉफ्टवेयर पर चढ़ेगा इससे किसी भी तरह के फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रहेगी।
जमीनों के मामले में होने वाली धोखाधड़ी से अब राहत मिलेगी क्योंकि फिंगर प्रिंट और आधार के ओटीपी के माध्यम से ही रजिस्ट्री होगी इससे धोखाधड़ी होने की संभावना कम होगी वहीं खरीददार गूगल की मदद से जमीनों की लोकेशन और उसकी सरकारी गाइडलाइन भी अपने मोबाइल की स्क्रीन पर देख सकेंगे सरकार के इस कदम से स्टांप ड्यूटी में होने वाले घपलों की संभावना भी कम रहेगी।
जिले के सरदापुर में पहली रजिस्ट्री से हुई शुरूआत रंगीन प्रति दी गई..
धार जिले की सरदारपुर तहसील में संपदा 2.0 के मध्यम से पहली रजिस्ट्री की गई जिला वरिष्ठ पंजीयक डॉ.प्रभात बाजपेई ने बताया कि सरदारपुर उप पंजीयक ओम प्रकाश दायमा ने उप पंजीयक कार्यालय सरदारपुर में जिले में संपदा 2.0 के माध्यम से प्रथम दस्तावेज पंजीकृत किए गए। डॉ.बाजपेई ने बताया कि जोलाना निवासी फतेह सिंह पिता महान महिपाल सिंह का दस्तावेज सेवा प्रदाता सावन कर्मा द्वारा एवं श्याम सुंदर निवासी ग्राम बरमंडल के दस्तावेज को सेवा प्रदाता धर्मेंद्र पाटीदार द्वारा पंजीयन के लिए तैयार किया गया था। पक्षकारों को तुरंत रंगीन प्रति जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक सरदारपुर द्वारा दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने 10 अक्टूबर को की थी ई-रजिस्ट्री की शुरुआत..
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने 10 अक्टूबर को संपदा 2.0 से ई-रजिस्ट्री का शुभारंभ किया था संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर लागू होने के बाद विभाग की ओर से उपपंजीयकों के नए डिजिटल सिग्नेचर जारी करने का पत्र संबंधित एजेंसी को भेज दिया है जैसे ही ये डीसी देरी से आई वही नवरात्रि के बाद से धार पंजीयन विभाग में कम रजिस्ट्री रही है।
इस संपदा सॉफ्टवेयर में ई रजिस्ट्री को पहले से बेहतर बनाया गया है इसमें जीरो बैलेंस खाता ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ई रजिस्ट्री जैसे नवाचार का समावेश है।
ऐप से ही देख सकेंगे कलेक्टर गाइड लाइन दर घर बैठे ही हो जाएगा सत्यापन..
संपदा-2.0 उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और यूनिक आईडी आधार से भी इंटीग्रेटेड किया गया है जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर ऐप में लोकेशन के माध्यम से मालूम हो सकेगी। सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग होगी बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग भी होगी दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी घर बैठे ही दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण हो सकेगा दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी वाटसऐप और ईमेल से आवेदक को प्राप्त होगी
अकेले धार जिले से सरकार को मिलता है दो सौ करोड़ का राजस्व..
जानकारी के अनुसार रजिस्ट्री के माध्यम से धार जिले से प्रदेश सरकार को दो सौ करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलता है बीते वित्तीय वर्ष में जिले से 222 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था इससे पहले 194 करोड़ का राजस्व जिले से प्राप्त हुआ था बीते चार चार सालों में जिले का राजस्व 126 करोड़ रुपए से बढ़कर 222 करोड़ हो गया है वहीं इस साल इसके ढाई सौ करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।
जमीनों की धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगेगा अंकुश..
इस नए सॉफ्टवेयर व नियमों से जमीनों की धोखाधड़ी पर काफी हद तक अंकुश लग जाएगा रजिस्ट्री कराने वाला पक्षकार जिस जमीन को खरीदेगा उसकी पूरी डिटेल मोबाइल या ईमेल पर मिल जाएगी।
वह रजिस्ट्री को खुद पढ़ सकेगा फिलहाल रजिस्ट्री में संपत्ति के फोटो अपलोड किए जाते रहे हैं लेकिन संपदा-2 में गूगल से लोकेशन ली जाएगी सेटेलाइट इमेज से संपत्ति की वास्तविक स्थिति दिखेगी मकान कितने मंजिल का है या प्लॉट कितना है रोड पर है या उससे अलग है। ये सभी जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर पता चल जाएगी प्रॉपर्टी की आईडी होने से स्टाम्प शुल्क की चोरी भी रुकेगी संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े फर्जीवाड़ों में कमी होगी रजिस्ट्री रिकॉर्ड में रहेगी जैसे ही दूसरे व्यक्ति को रजिस्ट्री की तो संबंधित को पता चल जाएगा। संपदा 2 साफ्टवेयर हाइटेक है कुछ दस्तावेज जैसे पावर ऑफ अटार्नी व पारिवारिक संपत्ति के मामलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा खरीदी-बिक्री हो सकेगी। ।
ये चीजें खास है इस नए सॉफ्टवेयर में..
संपत्ति में बायोमैट्रिक पहचान लागू हो सकेगी संपत्ति की जीआईएस मैपिंग होने से सीमा निर्धारण विवाद व अन्य गड़बड़ी नहीं होगी। ई-साइन और डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज तैयार हो सकेंगे जिससे गवाह की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी पंजीयन अधिकारी से संवाद वीडियो कांफ्रेंसिंग से किया जाएगा व्यक्ति की पहचान के लिए वीडियो केवाईसी का प्रावधान भी रखा गया है कुछ दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अब उप पंजीयक कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी।






























