धार में सिंधी समाज द्वारा संत झूलेलाल जी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरे शहर में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।
धार@साबिर खान fm
कार्यक्रम की शुरुआत पीपलखेड़ा स्थित अनाथ आश्रम से की गई, जहां समाज के लोगों ने अनाथ बच्चों को खिलौने, मिठाई और भोजन वितरित किया। इस पहल ने समाज के सेवा भाव और मानवता के प्रति समर्पण को दर्शाया। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के इस प्रयास की सभी ने सराहना की।
इसके बाद मोहन टाकीज चौराहे पर शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। झूलेलाल सेवा संगठन के अध्यक्ष पंकज खत्री अपने साथियों के साथ राहगीरों को शरबत पिलाते नजर आए। इस दौरान उन्होंने सभी वर्गों के लोगों को समान रूप से शरबत वितरित किया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी शामिल कर धार्मिक एकता की मिसाल पेश की गई।
कार्यक्रम के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि सिंधी समाज हमेशा से सेवा और सहयोग की भावना के साथ कार्य करता आया है। चाहे कोरोना काल हो या कोई प्राकृतिक आपदा, समाज ने हर परिस्थिति में निस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा की है।
सिंधी समाज की विचारधारा “वसुधैव कुटुंबकम” और “सर्वधर्म समभाव” पर आधारित है, जिसमें सभी धर्मों का सम्मान और एकता का संदेश निहित है।
इस अवसर पर शाम को भजन संध्या का आयोजन भी किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें संत झूलेलाल जी की भक्ति में श्रद्धालु शामिल होंगे।
झूलेलाल जयंती का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में भाईचारे, एकता और मानवता का संदेश देने वाला भी साबित हुआ।


































