जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के विरोध में अमझेरा के मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, साथ ही आतंकवाद का पुतला दहन कर आक्रोश जताया गया।
अमझेरा@साबिर खान fm
प्रदर्शन के पश्चात मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार से आतंकियों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग भी की गई, जो लगातार आतंकी गतिविधियों को समर्थन देता रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मुस्लिम समाज के प्रमुखों ने कहा—
“पहलगाम में हुआ आतंकी हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर हमला है, बल्कि यह देश की अखंडता और मानवता पर भी चोट है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। यह इस्लाम को बदनाम करने की साजिश है और हम इसकी सख्त निंदा करते हैं।”
प्रदर्शन के दौरान “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” जैसे गगनभेदी नारे लगाए गए। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन मौके पर तैनात रहा और पूरे प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया।
इस विरोध प्रदर्शन में मुस्लिम समाज की ओर से शाहबाज उल्लाह कुरैशी, काजी वसीम सिद्दीकी, आरिफ शायमंड, कादिर खान, वकील सजीद अली, फिरोज खान ठेकेदार, सफाकत हुसैन कुरैशी, हाजी अब्दुल गफ्फार हेड सा, अहमद कुरैशी सर, नासीर पठान, फरहान सिद्दीकी, काजी नसीम सिद्दीकी, सदर शौकत बाबा सहित कई प्रमुख सामाजिक चेहरे मौजूद रहे।
स्थानीय प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उचित माध्यमों से सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
मुस्लिम समाज का यह कदम देशभर में सांप्रदायिक सौहार्द और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया है।



































