अनुकंपा में मिली नियुक्ति पर बाबू ने 40 हजार सैलरी के बदले निकलता था 4 लाख का वेतन, विभाग को लगाई 7 करोड़ की चपत।
जबलपुर@टीम भारतीय न्यूज़
जबलपुर में वित्तीय विभाग के स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय में एक पदस्थ बाबू ने, अधिकारियों की नाक के नीचे से 7 करोड़ रुपए डकार गए, यह कारनामा 4 साल तक चला लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों को बाबू की धोखाधड़ी का पता ही नहीं चला | आखिरकार फरवरी 2025 में हुई ऑडिट रिपोर्ट के माध्यम से इस फर्जीवाड़ा का पता चला |
जैसी ही विभाग में इस गबन वाले की खबर फैली, आरोपी बाबू विभाग से फरार हो गया, आरोपी बाबू को पुलिस भी तलाश रही है, कमिश्नर अभय वर्मा ने संपरीक्षा विभाग की सहायक संचालक प्रिया बिश्नोई को निलंबित कर दिया है तो वही कलेक्टर दीपक सक्सेना ने ज्येष्ठ संपरीक्षक सीमा अमित तिवारी को भी निलंबित कर दिया
संयुक्त संचालक के फर्जी हस्ताक्षर कर के और फर्जी आदेश और नकली दस्तावेजों की सहायता से आरोपी बाबू संदीप शर्मा ने विभाग में करीब 7 करोड़ से ज्यादा का गबन करके फरार हों गया, संचालनालय स्थानीय निधि संपरीक्षा प्रकोष्ठ ने उसे निलंबित कर दिया है, इसी बिच कलेक्टर के निर्देश पर 15 दिन बाद ओमती पुलिस ने संपरीक्षा विभाग के संयुक्त संचालक सहित पांच लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया हैसेलेरी 44 हजार निकलता था 4 लाख रुपए महीना
जबलपुर के सिविक सेंटर स्थित स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय में पदस्थ बाबू संदीप शर्मा, सहायक ग्रेड -3 पर बाबू के पद पर पदस्थ है, नियम को अनुसार उसकी सैलरी 44 हजार रुपए निर्धारित थी, लेकिन 1 साल पहले 2024 में सैलरी बिल के पीपी कॉलम में सैलरी बढ़कर 4 लाख रुपए कर ली, आरोपी बाबू संदीप शर्मा ने पूरे 1 साल तक 44 हजार के बजाय चार लाख रुपए महीना सैलरी निकली, 2024-2025 तक 53 लाख 55 हजार रुपए वेतन के रूप में निकाल लिए, मजे की बात तो यह है की ये सारा खेल अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा था।



































