महाराजा भोज शासकीय महाविद्यालय में एक गरिमामय समारोह में पद्मश्री भगवतीलाल जी राजपुरोहित का किया गया सम्मान।
धार@साबिर खान
धार जिले के ग्राम चंदोड़ीया में जन्में भगवतीलाल जी राजपुरोहित को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवार्ड प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है इससे न केवल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन बल्कि राजा भोज की नगरी धार भी गौरवान्वित हुई है ।
आज महाविद्यालय के विक्रमऑडिटोरियम में पद्मश्री राजपुरोहित जी का नागरिक अभिनंदन किया गया । महाविद्यालय की ओर से पद्मश्री राजपुरोहित जी का पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह, प्राचार्य श्री बघेल,दीपक बिड़कर, सचिन दवे तथा उद्योगपति राकेश राजपुरोहित ने शाल, श्रीफल भेंट कर तथा मालवी पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया इसी के साथ पद्मश्री राजपुरोहित जी को स्मृति चिन्ह तथा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर श्री राजपुरोहित जी का नगर के विभिन्न समाज एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भी सम्मानित किया गया ।
समारोह के आरंभ में मां सरस्वती की पूजा एवं दीप प्रज्ज्वलित अतिथियों द्वारा किया गया ।
सम्मान समारोह के दौरान महाराजा भोज शासकीय महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका धारा का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया ।
पूर्व छात्र परिषद की ओर से महाविद्यालय में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले वाले छात्र रक्षित चौहान को महाराजा भोज पुरस्कार से सम्मानित किया गया । वहीं छात्रा श्रद्धा रायकवार को वाग्देवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया एवं पांच पांच हजार रूपये की राशि भी प्रदान की गई ।
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ भगवतीलाल जी राजपुरोहित ने कहा कि लंदन में जो प्रतिमा है वह वाग्देवी की ही प्रतिमा है उसमें कोई संशय नहीं है उन्होंने उज्जैन एवं धार दोनों को सांस्कृतिक रूप से एक कहां उन्होंने धार कॉलेज की पुरानी स्मृतियों को भी याद किया उन्होंने वाकणकर जी वेंकटचलन एवं डॉ शिवमंगल सुमन जी से उन्होंने सीखा इस बात का भी उल्लेख किया धार के डॉक्टर गजानन शर्मा एवं संपूर्णानंद शास्त्री जी के विषय में भी चर्चा की उन्होंने राजा भोज के अध्ययन का केंद्र बनाने का भी आग्रह किया जिसमें रिसर्च विद्यार्थी अध्ययन कर सकें ।
इस आयोजन में धार जिला कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन बड़ा ही ऐतिहासिक है क्योंकि धार के लिए यह बहुत ही यादगार पल है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा क्योंकि हमारे धार के लिए गौरव की बात है कि हमारे जिले के श्री राजपुरोहित जी को पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है हम आगे कोशिश करेंगे की धार में जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद का गठन करेंगे साथ ही साथ यहां पर शोधार्थियों के लिए और सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे इसमें कलेक्टर ने श्री राजपुरोहित जी से आग्रह किया कि वह इसमें सदस्य के रूप में रहे श्री राजपुरोहित जी ने कलेक्टर के आग्रह को स्वीकार किया ।
धार जिला एस पी श्री मनोज कुमार सिंह ने भी संबोधित करते हुए कहा पराधीन भारत में जन्म लेकर स्वतंत्र भारत का यह विहंगम दृश्य देखने वाले साहित्यकार मोती की तरह चुने गए और भारत सरकार ने बहुत बड़े सम्मान से सम्मानित किया यह धार के लिए गौरवान्वित करने वाला विषय है ।



































