रविवार को सुबह से ही आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया था। दोपहर होते होते बादलों में ऐसा जमघट लगाया कि भरी दोपहर में देर शाम जैसा अंधिराया छा गया। यहाँ तक कि वाहन चालकों को लाईटें चालू कर वाहनों को चलाना पड़ रहा था। दोपहर 3.30 बजे हवाओं ने भी ऐसा रंग बिखेरा की जगह जगह धूल भरी आँधी चलने लगी। धूल भरी आँधी के साथ ही बारीश होने लगी।
धार@टीम भारतीय न्यूज़
बारीश का पानी भी इतना ठंडा कि लोग दुबक कर एक जगह बैठने को मजबूर हो गये। इधर मौसम विभाग ने भी अगले दो दिनों तक बारीश की संभावनाएँ बता रखी हैं। वहीं ठंडी हवाओं का जोर ज्यादा होने और बे समय अंधियारा छाने से बाजारों में ग्राहकी नही के बराबर दिखाई दे रही थी।
वहीं देवउठनी ग्यारस के बाद लोगों को आशा जगी थी कि कहीं ना कहीं व्यापार में तेजी आएगी। लेकिन खराब मौसम के कारण लोग घरों से निकलना पसंद ही नहीं कर रहे। इस मावठे के कारण कई छोटे बच्चे, बुजुर्ग बीमार हो जाएंगे वहीं व्यापार में भी बहुत फर्क पड़ जाएगा। साथ ही कपास का सीजन फिलहाल जोरों पर होने से किसान अपनी कपास की फसल को बेचने के लिए मण्डी में ला रहे हैं। इधर जिनिंग फेक्ट्रीयों में ग्राउण्ड में कपास के ढेर लगे हुए हैं। हवा आँधी और बारीश के चलते जिनिंग उद्योग से जुड़े लोगों को परिसर में पड़े कपास के ढेरों को बारीश से बचाने के लिए तिरपालों से ढाँकना भी पड़ा है। मावठे के चलते खुले ग्राण्ड में पडा माल गिला होने से कॉफी नुकासान होने की आशंका अब व्यापारीयों को सताने लगी है।



































