मध्य प्रदेश के बैतूल एक शादी समारोह का नजारा कुछ अलग ही देखने को मिला । शादी पंडाल में गमले में लगे सैकड़ो पौधों को देख कर लग रहा था था जैसे कोई नर्सरी में आ गए हो ।
बेतूल@टीम भारतीय न्यूज़
ऐसा ही कुछ नजारा था यतीन्द्र पालीवाल और रुचि के विवाह समारोह का । पर्यावरण ओर जल संरक्षण के कई वर्षों से कार्य कर रहे समाजसेवियों ने अपनी नर्सरी में तैयार किये फलदार , औषधियों ओर फूलदार पौधों में मुगना , गुलहड़ , तुलसी श्वेत श्याम , निम्बू , कलमी आम , जामुन , अमरूद , गिलोय , मिठानीम , ओर फूलदार कुल 501 पौधों के गमलों का वितरण किया । विवाह समारोह में पहली बार इस प्रकार का दृश्य देखने को मिला कि आये हुए अतिथियों को दूल्हे राजा स्वयं ही द्वार पर साथ पौधे बाटते मिले । जोधपुर राजस्थान से आये वधु पक्ष ने बैतूल में दिखे प्रकृति प्रेम की दिल से प्रशंसा की ओर स्वयं ने भी आये अतिथियों को हाथ जोडकर ले जा रहे पौधों को उचित स्थान पर लगाने के लिए आग्रह किया ।
समाजसेवी तरुण वैध का कहना है कि दूल्हा यतीन्द्र पालीवाल फर्नीचर ओर इंटीरियर डिजाइनर का कार्य करते हैं और विवाह के 45 दिन पूर्व ही उन्होंने अपने विवाह में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिये कार्य करने की अंशदान देने की इच्छा व्यक्त की थी ।निश्चित ही बैतुल जिले के इतिहास में यह पहला विवाह समारोह होंगा जिसमे की इतने बड़े स्तर पर पौधा लगाने वाले के पास उपलब्ध उचित जमीन , गार्डन , लेंटर ,पोर्च इत्यादि के आधार पर उन्ही की स्वेच्छा अनुसार आगन्तुक पौधों का चयन करके ले गए ।

































