भोपाल में उच्च शिक्षा कार्यशाला, IIT समेत 30 संस्थानों से हुए एमओयू; रोजगारोन्मुख और तकनीक आधारित शिक्षा पर जोर…
भोपाल@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में मंगलवार को “उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम: दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन” विषय पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्यपाल मंगुभाई पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षा विशेषज्ञ और देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ उच्च शिक्षा को आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक और तकनीक आधारित बनाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवा केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों से भी जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति युवाओं को समय की मांग के अनुरूप शिक्षित, प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर बना रही है, जिससे वे देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और रोजगारपरक शिक्षा विकसित भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सबसे पहले लागू करने वाला राज्य मध्यप्रदेश है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में शामिल करने का निर्णय लिया है। साथ ही आधुनिक उद्योगों और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी बीएचयू (वाराणसी), आईआईटी रुड़की, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी इंदौर सहित कुल 30 प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा भारत मौसम विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, एआईजीजीपीए, श्रम विभाग और अन्य संस्थानों के साथ भी साझेदारी की गई।
इन एमओयू के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल स्किल्स, साइबर सिक्योरिटी, जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिक अनुसंधान, कृषि नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को नई संभावनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही विश्वविद्यालयों में शोध, नवाचार और उद्योगों के साथ समन्वय को भी बढ़ावा मिलेगा।
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में कृषि, इंजीनियरिंग, एआई और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ फैकल्टी डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में शिक्षा सुधार, पाठ्यक्रम उन्नयन और भविष्य की आवश्यकताओं पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।






























