मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित राज्यस्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और 13 नवंबर तक पूरे प्रदेश में कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इंदौर@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इंदौर कृषि उपज मंडी को नए स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि वर्तमान मंडी परिसर में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
डॉ. यादव ने केन-बेतवा और पार्वती-चंबल-कालीसिंध (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजनाओं को किसानों के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि इनसे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और कृषि उत्पादन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश का सिंचित रकबा 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है तथा पिछले ढाई वर्षों में इसमें 10 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, एमएसएमई सहित 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के नए औद्योगिक निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि किसानों को ₹2625 प्रति क्विंटल गेहूं मूल्य, सोयाबीन पर भावांतर योजना तथा शून्य ब्याज फसल ऋण जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। साथ ही कृषि आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उज्जैन में स्थापित पेप्सिको यूनिट से प्रदेश के 32 जिलों के आलू उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत जल्द नई बस सेवा शुरू होगी। वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख रुपये तक की डेयरी परियोजना पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के सहयोग से पशुपालकों को दूध पर 8 से 10 रुपये प्रति लीटर अधिक मूल्य मिल रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र के उत्कृष्ट किसानों, कृषि आधारित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तथा बोर्ड परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।






























