मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में अभियान का शुभारंभ किया और नशा मुक्ति से जुड़े जागरूकता साहित्य व पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो समाज के लिए मिसाल बने।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नशा मुक्ति अभियान को गति दी जा रही है। गृह मंत्री ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने में मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार पुलिस, शिक्षा विभाग और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर स्कूलों, कॉलेजों और समाज के विभिन्न वर्गों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति के लिए हेल्पलाइन, काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नशा मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं, विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 15 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे प्रदेश में ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।






























