मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर स्थित बीएसएफ परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर प्रदेशव्यापी हरियाली महाअभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा कि “पर्यावरण के लिए हमसे जो भी हो सकेगा, वह सब करेंगे।”
इंदौर@साबिर खान fm
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का बीएसएफ की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के जवानों के कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत पृथ्वी संस्था के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां अहिल्याबाई होल्कर की नगरी इंदौर सदियों से संस्कृति, जल संरक्षण और प्रकृति के संतुलन की मिसाल रही है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई के शासनकाल में बड़ी संख्या में बावड़ियों और जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया था, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पिछले तीन महीनों तक विशेष अभियान चलाया। इसके तहत प्रदेशभर में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन लाख जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है और यहां से निकलने वाली क्षिप्रा, गंभीर और चंबल जैसी नदियां गंगा बेसिन का हिस्सा बनकर देश की जलधारा को समृद्ध करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में अल नीनो जैसी जलवायु चुनौतियां सामने हैं और ऐसे संकटों से निपटने में वृक्ष सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष ऋषि-मुनियों की तरह तपस्या कर मानव जीवन को शुद्ध व सुरक्षित बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें बीएसएफ परिसर में 51 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है, जबकि पूरे इंदौर शहर में एक ही दिन में एक लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता में देशभर में लगातार पहचान बना चुका इंदौर अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी देश के लिए एक नई मिसाल कायम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील की।






























