मध्यप्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाली 5017 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड मार्ग परियोजना का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के नागदा में किया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के विकास का नया अध्याय लिखेगी और व्यापार, उद्योग, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
उज्जैन@साबिर खान fm
करीब 98.73 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के निर्माण पर 5017 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से तेज और बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। परियोजना से 35 लाख से अधिक आबादी और 62 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2028 के सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को इस सड़क का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है और आधुनिक सड़क नेटवर्क से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नागदा में नए केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ किया। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए जनसेवा प्रहरी नेटवर्क की शुरुआत करते हुए लोगों को हेलमेट वितरित किए। किसान उत्पादक कंपनियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा आजीविका मिशन और संबल योजना के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने पीथमपुर, विक्रम उद्योगपुरी, शिवपुरी और गुना सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार उद्योग, कृषि और आधारभूत संरचना को एक साथ आगे बढ़ा रही है।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में 15 करोड़ रुपये की लागत से मटर प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। वहीं 1250 करोड़ रुपये के निवेश से पेप्सिको का प्लांट भी लगाया जा रहा है, जिससे किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने पुराने उज्जैन-जावरा मार्ग के चौड़ीकरण, रतलाम-खाचरौद रोड को नागदा से जोड़ने, नई मटर मंडी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, चंबल नदी पर डैम निर्माण तथा नागदा में नए आईटीआई संस्थान की स्थापना की घोषणा की।
राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह सड़क परियोजना सिंहस्थ-2028 से पहले पूरी होने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि नागदा के नए केंद्रीय विद्यालय में 30 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं बल्कि मालवा क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास की नई पहचान बनेगी।






























