मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए बड़ा संदेश जारी करते हुए कहा है कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से “नशा मुक्त मध्यप्रदेश” अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने और इसे जनआंदोलन बनाने की अपील की है।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है और इस विकास यात्रा में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की रचनात्मक क्षमता को समाप्त कर देता है और उसके वर्तमान के साथ-साथ भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नशा मुक्त भारत” संकल्प तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक भारत को पूर्णतः नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चला रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश ने नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है, उसी तरह जनसहयोग से नशे के खिलाफ भी निर्णायक सफलता हासिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा और जनता के सहयोग से मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें। उनका कहना था कि स्वस्थ युवा ही विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।






























