मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन में अतिथि विद्वानों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि “अतिथि विद्वान शिक्षा मंदिर के पुजारी हैं। देश और प्रदेश का भविष्य उनके हाथों में है। उनके कल्याण के लिए जो भी संभव होगा, सरकार वह करेगी।”
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “अटकाने, लटकाने और भटकाने का समय समाप्त हो चुका है।” उन्होंने अतिथि विद्वान समिति से कहा कि यदि किसी अन्य राज्य का बेहतर मॉडल लागू करना हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार के समक्ष प्रस्तुत करें। सरकार सकारात्मक सोच के साथ उस पर निर्णय लेगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीराम, गुरु विश्वामित्र, गुरु वशिष्ठ और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं। इसलिए शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की भूमिका समाज और देश के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। प्रदेश में सबसे पहले पीएम एक्सीलेंस कॉलेज शुरू किए गए, नए विश्वविद्यालय खोले जा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को नवाचार, संवेदना एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है।
डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें आकस्मिक एवं ऐच्छिक अवकाश, महिला अतिथि विद्वानों के लिए प्रसूति अवकाश, लोक सेवा आयोग की भर्ती में 25 प्रतिशत आरक्षण, स्थानांतरण की सुविधा और अन्य कल्याणकारी प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि विद्वानों से जुड़े विषयों के अध्ययन और सुझावों के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राज्य सरकार अतिथि विद्वानों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए लगातार निर्णय ले रही है। वहीं भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों के हित में उठाए गए कदमों की सराहना की।






























