भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के अंतर्गत केरल के कोच्चि में आयोजित ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास और सतत आर्थिक प्रगति पर देश का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
कोच्चि/धार@साबिर खान fm
अपने संबोधन में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मजबूत अर्थव्यवस्था, सुशासन और समग्र विकास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि जिस देश की महिलाएं सशक्त होती हैं, वहां की अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत, समाज अधिक समावेशी और शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी होती है। इसलिए महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और महिला उद्यमिता जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से करोड़ों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच महिलाओं के नेतृत्व, नवाचार, कौशल विकास, उद्यमिता और आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है। इससे सदस्य देशों की महिला-केंद्रित नीतियों को नई दिशा मिलेगी और वैश्विक स्तर पर महिला सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।
श्रीमती सावित्री ठाकुर ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और महिलाओं के लिए समान अवसर, नेतृत्व और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन के दौरान महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता, आर्थिक भागीदारी और सतत विकास जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर महिला सशक्तिकरण और साझा विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां सदस्य देशों ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।






























