मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में आयोजित उन्नत कृषि संभागीय कार्यशाला में किसानों से संवाद करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्नत खेती, प्राकृतिक कृषि और पशुपालन को लगातार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 दुग्ध उत्पादक राज्य बनाया जाएगा।
ग्वालियर@साबिर खान fm
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने किसानों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए और करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का रिमोट के माध्यम से भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का सिंचित रकबा लगातार बढ़ रहा है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने चंबल-पार्वती-कालीसिंध और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देते हुए कहा कि अब कृषि ऋण जमा करने के लिए पूरे वर्ष का समय मिलेगा। उन्होंने गौ संरक्षण, स्वदेशी नस्ल सुधार और प्रदेशभर में बड़ी गौशालाओं की स्थापना पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने समन्वित कृषि प्रणाली और बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाइयों का लोकार्पण किया, जो किसानों के लिए आधुनिक और लाभकारी खेती का मॉडल साबित होंगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत करीब 50 लोगों को हेलमेट वितरित किए, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया और कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि मॉडल का अवलोकन करते हुए तालाब में बतखों को दाना भी खिलाया।
सरकार का कहना है कि आधुनिक कृषि, पशुपालन और प्राकृतिक खेती के समन्वय से किसानों की आय बढ़ेगी और मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।






























