अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग, निवेश, युवाओं और किसानों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जबकि जनवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) आयोजित होगी।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। साथ ही 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। राज्य सरकार ने वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी जारी की। कार्यक्रम में उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र, ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे गए और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 4.41 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जबकि वर्ष 2024 से 2026 के बीच महिला उद्यमियों की भागीदारी में 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 16 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं तथा 14 नए क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष और वर्ष 2027 को युवा कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। किसानों को शून्य ब्याज पर ऋण सुविधा और ऋण चुकाने की समय-सीमा में भी राहत देने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है और विभिन्न देशों की कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हुए कई निवेश समझौतों का बड़ा हिस्सा अब जमीन पर उतरना शुरू हो गया है।
एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि सरकार ने विभाग का बजट बढ़ाकर उद्योगों को नई गति दी है। वहीं मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि प्रदेश के निर्यात में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और निवेश प्रस्ताव तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं।
कार्यक्रम में उद्योगपतियों और स्टार्टअप उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की।






























