मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति बीमारी से ठीक होकर लौटता है, तब उसे माता-पिता के बाद डॉक्टर ही भगवान के समान दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने यह बात भोपाल स्थित आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने पल्स पोलियो अभियान, सुमन पंचायत कार्यक्रम तथा स्टेट एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) 2.0 पॉलिसी का शुभारंभ किया।
भोपाल@साबिर खान fm
इस अवसर पर एचपीवी टीकाकरण अभियान और स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डॉक्टरों की मेहनत से भारत ने पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल उन्मूलन अभियान और एचपीवी टीकाकरण जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान ने निर्धारित लक्ष्य का 96 प्रतिशत हासिल कर लिया है।
पल्स पोलियो अभियान की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में 83 हजार पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के लिए 43 हजार टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। इसके अलावा 1,400 विशेष मोबाइल टीमें, 1 लाख 66 हजार वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं और स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनें।






























