मध्यप्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों को अधिक से अधिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्लीमनाबाद टनल के शीघ्र उद्घाटन की तैयारियां भी शुरू करने के निर्देश दिए।
भोपाल@साबिर खान fm
बैठक में बताया गया कि आगामी छह माह में प्रदेश के 14 जिलों में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने वाली परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। इन परियोजनाओं का लाभ बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी, मंडला सहित अन्य जिलों के किसानों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बरगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत निर्मित स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी यह टनल प्रदेश की सबसे अधिक जल वहन क्षमता वाली नहर प्रणाली से जुड़ी है। इसके माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना जिले के करीब 1,500 गांवों की लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
बैठक में केन-मंदाकिनी अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया है। परियोजना के माध्यम से 93,310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी तथा 15.8 मेगावाट बिजली उत्पादन भी संभव होगा। इसकी अनुमानित लागत 8,400 करोड़ रुपये से अधिक है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82 प्रतिशत, कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना का 66 प्रतिशत तथा शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर लंबे घाट निर्माण का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में सिंचित रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान और निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश का सिंचित क्षेत्र 95.45 लाख हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा, जबकि स्वीकृत परियोजनाओं के पूर्ण होने पर यह आंकड़ा 108 लाख हेक्टेयर हो जाएगा। पिछले ढाई वर्षों में ही लगभग 10 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है।






























