मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर जबलपुर के नर्रई नाला स्थित समाधि स्थल पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जबलपुर@साबिर खान fm
इस अवसर पर उन्होंने रानी दुर्गावती को अदम्य साहस, पराक्रम और नारी शक्ति की अनुपम प्रतिमूर्ति बताते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य के 52 गढ़ों पर शासन करते हुए जनता की रक्षा और कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने मुगल आक्रमणकारियों का डटकर सामना किया और अपने साहस से इतिहास में अमिट पहचान बनाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य संस्थान तैयार किया जा रहा है, जिसका लोकार्पण जल्द होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विरासत से विकास” की अवधारणा पर काम कर रही है और प्रदेश की ऐतिहासिक विभूतियों को उचित सम्मान देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर जू और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर भी विकसित किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अब शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा का लाभ मिलेगा और भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासनकाल गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था और उनके किसान कल्याण एवं जल संरक्षण संबंधी कार्य आज भी प्रेरणास्रोत हैं। राज्य सरकार भी उनके आदर्शों से प्रेरित होकर किसानों, महिलाओं और जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।






























