मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: स्कूल अपग्रेड, किसानों को राहत, कन्या विवाह योजना जारी, ₹5,960 करोड़ के विकास कार्य मंजूर…
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में शिक्षा, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के विकास के लिए 5,960 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न कार्यों और योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया। योजना के संचालन के लिए 1,740.57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना के तहत पात्र गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के सामूहिक विवाह के लिए 55 हजार रुपये प्रति हितग्राही की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ…
राज्य में विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से 75 माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। यह प्रक्रिया वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। विद्यालय उन्नयन के लिए 635.24 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है।
किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण का लाभ…
कैबिनेट ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना में संशोधित शर्तों को मंजूरी दी। अब खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग ड्यू डेट की बजाय एक वार्षिक ऋण सीमा लागू होगी। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
शुजालपुर में खुलेगा नया सरकारी लॉ कॉलेज…
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी। इसके लिए 17 नए पदों का सृजन और 2.39 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत परिवहन एवं कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 3,580.07 करोड़ रुपये मंजूर किए। यह स्वीकृति 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए दी गई है। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में विद्युतीकरण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी तथा विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।






























