डबल इंजन सरकार में विकास की रफ्तार दोगुनी, जनजातीय जिलों को मिलेगा बड़ा लाभ..
भोपाल@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने प्रदेश में लगभग 4,415.60 करोड़ रुपये की लागत वाली दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्र और राज्य दोनों जगह डबल इंजन की सरकार होने का लाभ प्रदेश को लगातार मिल रहा है। यही कारण है कि विकास कार्यों की गति भी दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ये परियोजनाएं प्रदेश के आदिवासी अंचलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
जनजातीय जिलों को मिलेगा सीधा फायदा…
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं से बैतूल, खंडवा, खरगौन और बड़वानी जैसे जनजातीय बहुल जिलों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर परिवहन व्यवस्था से क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि सड़क विकास केवल आवागमन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और सामाजिक विकास का आधार बनता है।
233 किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क होगा विकसित
नई दिल्ली में 3 जून को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में एनएच-347बी से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
पहली परियोजना के तहत हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड पर मौजूदा इंटरमीडिएट लेन सड़क को पक्के शोल्डर सहित दो लेन सड़क के रूप में उन्नत किया जाएगा। इस खंड की कुल लंबाई 125.01 किलोमीटर है।
वहीं दूसरी परियोजना के तहत देशगांव-जुलवानिया खंड को वर्तमान दो लेन से बढ़ाकर चार लेन सड़क में विकसित किया जाएगा। इस मार्ग की लंबाई 108.643 किलोमीटर है और इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत किया जाएगा।
दोनों परियोजनाओं की कुल लंबाई 233.653 किलोमीटर होगी।
खरगौन में बनेगा 16.20 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास
परियोजना की एक और महत्वपूर्ण विशेषता खरगौन जिले में बनने वाला 16.20 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास है। इसके निर्माण से शहरों में यातायात का दबाव कम होगा और लंबी दूरी के वाहनों को तेज एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाईपास क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ परिवहन लागत और समय दोनों में कमी लाएगा।
पीएम गतिशक्ति मिशन को मिलेगी मजबूती…
सरकार के अनुसार यह उन्नत सड़क कॉरिडोर मध्यप्रदेश में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ पीएम गतिशक्ति योजना के तहत विकसित किए जा रहे छह प्रमुख आर्थिक नोड्स को भी आपस में जोड़ेगा। इससे मल्टीमॉडल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
विकास के नए द्वार खोलेंगी परियोजनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश लगातार सड़क, रेल, ऊर्जा और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद प्रदेश के पश्चिमी और आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।






























