सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़ा फैसला, स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण संपत्तियों का पंजीयन बिना स्टाम्प ड्यूटी; स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के लिए हजारों करोड़ की स्वीकृति..
भोपाल@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण संपत्ति स्वामित्व, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अधोसंरचना विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 जून को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जनकल्याण के लिए कुल 21,485 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई।

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को लेकर रहा, जिसके तहत राज्य सरकार 48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री का पूरा खर्च स्वयं वहन करेगी। इस योजना पर करीब 3,800 करोड़ रुपए का वित्तीय भार राज्य सरकार उठाएगी।
48.32 लाख निजी संपत्तियों की होगी मुफ्त रजिस्ट्री…
कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि स्वामित्व योजना के तहत जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, उनके अभिलेखों का विधिवत पंजीयन कराया जाएगा। इसके लिए “डीड ऑफ कन्वेयंस” का निष्पादन और पंजीयन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि संपत्तियों का कानूनी पंजीयन होने से ग्रामीण नागरिकों को बैंक ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी। इससे वे मकान निर्माण, कृषि गतिविधियों, व्यवसाय और अन्य आर्थिक कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
अब तक प्रदेश में 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन संपत्तियों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति पर कानूनी अधिकार
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है, जहां ग्रामीण आबादी को बड़े पैमाने पर संपत्ति संबंधी अधिकारों का वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की सहायता से सर्वे कर अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की संपत्ति का रिकॉर्ड कानूनी रूप से सुरक्षित होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
योजना के संचालन और निगरानी के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली सबसे बड़ी सौगात, 17 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी….
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 17,059 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है।
मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के लिए 14,363 करोड़ रुपए
प्रदेश के 12 मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों के संचालन के लिए वर्ष 2026 से 2031 तक 14,363.95 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
इस राशि का उपयोग निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने में किया जाएगा।
पीजी मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा…
मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (PG) सीटों के विस्तार और आधुनिक अधोसंरचना निर्माण के लिए 657 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
5 नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे
सरकार ने उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेज भवनों के निर्माण के लिए 1,200 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर जोर…
मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में अधोसंरचना और उपकरणों के उन्नयन के लिए 838 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है, जिससे एमबीबीएस सीटों में वृद्धि का रास्ता खुलेगा।
सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी सिली-सिलाई यूनिफॉर्म
कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण शिक्षा संबंधी निर्णय लेते हुए शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से सिली-सिलाई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
प्रत्येक विद्यार्थी को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए निविदा प्रक्रिया का संचालन मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम करेगा।
इंदौर जिला न्यायालय भवन की लागत बढ़ी…
कैबिनेट ने इंदौर के पिपल्याहाना में निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन की लागत को संशोधित करते हुए 411 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 626.61 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी है।
पंचायत राज और उपकर कानून में संशोधन को मंजूरी
बैठक में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई।
साथ ही मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण संपत्ति पंजीयन और राजस्व प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
दो फिल्मों को एसजीएसटी में छूट…
कैबिनेट ने अभिनेता-निर्देशक अनुपम खेर की फिल्म Tanvi The Great तथा फिल्म Shatak: Sangh Ke 100 Varsh को मध्यप्रदेश में प्रदर्शन के दौरान एसजीएसटी से छूट देने के निर्णय का अनुमोदन किया।
बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच…
कैबिनेट ने Bargi Dam Cruise Accident में हुई जनहानि की न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Justice Sanjay Dwivedi की अध्यक्षता में गठित एकल सदस्यीय आयोग के आदेश का भी अनुमोदन किया।
मुख्य बिंदु एक नजर में…
48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री का खर्च सरकार उठाएगी।
3,800 करोड़ रुपए स्वामित्व योजना पर खर्च होंगे।
कुल 21,485 करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 17,059 करोड़ रुपए स्वीकृत।
उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म मिलेगी।
पंचायत राज और उपकर कानून में संशोधन को मंजूरी।


































