धार शहर के प्रसिद्ध गंगवाल पॉली क्लिनिक में रविवार को भौतिक चिकित्सा (फिजियोथैरेपी) परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य मांसपेशियों के दर्द, शारीरिक चोट, जोड़ों के दर्द सहित विभिन्न शारीरिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों को बिना दवाओं के उपचार के प्रति जागरूक करना रहा।
धार@साबिर खान fm
भौतिक चिकित्सा वह उपचार पद्धति है, जिसके अंतर्गत व्यायाम और विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से रोगों का उपचार किया जाता है। इसे प्राचीन वैदिक पद्धति का आधुनिक रूप माना जाता है, जिसे आज के समय में फिजियोथैरेपी के नाम से जाना जाता है। इस चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों को बिना दवाओं के भी राहत मिल सकती है।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर की सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. ममता बढ़जातिया एवं फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. शैलेंद्र सिंह उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में शिविर का आयोजन किया गया, जो पूरी तरह निःशुल्क था। इस दौरान फिजियोथैरेपी के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई, साथ ही जीवनशैली में आवश्यक बदलाव (लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन) को अपनाने पर जोर दिया गया।
डॉ. ममता बढ़जातिया द्वारा लाभार्थियों को डायथर्मी मशीन सहित अन्य फिजियोथैरेपी उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई और व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने परामर्श लेकर अपनी समस्याओं के समाधान के उपाय जाने।
इस अवसर पर गंगवाल पॉली क्लिनिक के संचालक डॉ. अनिल गंगवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिविर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और कहा कि इस तरह के आयोजनों से आमजन को फिजियोथैरेपी जैसी प्रभावी चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता मिलती है। कार्यक्रम का संचालन किशोर जैन ने किया, जबकि अंत में आभार व्यक्त आंशिक गंगवाल द्वारा किया गया।
इस शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि समय पर सही मार्गदर्शन और नियमित व्यायाम के जरिए कई शारीरिक समस्याओं से राहत पाई जा सकती है।






























