बदनावर के नागदा गांव में जन अभियान परिषद ने किया ‘हरियाली यात्रा’ कार्यक्रम का आयोजन..
बदनावर@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड बदनावर के सेक्टर-05 अंतर्गत ग्राम नागदा में रविवार को “नवांकुर सखी हरियाली यात्रा” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन धार नारी शक्ति विकास महिला मंडल और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सहयोग से रोकड़िया हनुमान मंदिर परिसर में सम्पन्न हुआ।
इस पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सरपंच पन्नालाल कोली ने की, वहीं विशेष अतिथि के रूप में जनपद सदस्य राजेन्द्र पटेल, मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौर, महिला मंडल अध्यक्ष किरण राठौर और पर्यावरण प्रेमी मनोज डोडजी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात कलश स्थापना और पूजा के साथ मुख्य अतिथियों ने अपने विचार साझा किए।
अतिथियों के प्रेरणादायक विचार..
👉 जनपद सदस्य श्री राजेंद्र पटेल ने कहा, “पेड़-पौधे मानव जीवन के आवश्यक अंग हैं, इनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।”
👉 धर्मेन्द्र राठौर ने कहा, “हर नवांकुर सखी को दिए गए पौधे को परिवार के सदस्य की तरह पालना होगा, ताकि वो आगे चलकर फल, छाया, दवाएं और ऑक्सीजन दे सकें।”
👉 किरण राठौर ने कहा, “हर महिला को कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करना चाहिए।”
👉 ब्लॉक समन्वयक सुशीला मेड़ा ने ‘हरियाली यात्रा’ की रूपरेखा समझाते हुए पौधारोपण के महत्व को रेखांकित किया।
👉 पर्यावरण प्रेमी मनोज डोडजी ने अपने वक्तव्य में पौधारोपण को जीवन से जोड़ते हुए इसे “भविष्य में जीने की कुंजी” बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री विकास श्रेतीया ने किया और अंत में नवांकुर संस्था अध्यक्ष श्री बालाराम चौहान ने आभार प्रदर्शन किया।
🌱 पौधारोपण और कलश यात्रा का आयोजन…
इस अवसर पर नवांकुर सखियों को बीज रोपित पौधे वितरित किए गए। इसके पश्चात “हर घर पौधा, घर-घर पौधा” और “एक पौधा, एक जान” जैसे नारों के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के समापन पर सभी सखियों और बच्चों को सल्पाहार (हल्का नाश्ता) वितरित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थिति…
जनपद सदस्य श्री राजेंद्र पटेल, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर, महिला मंडल अध्यक्ष किरण राठौर, सरपंच पन्नालाल कोली, ब्लॉक समन्वयक सुशीला मेड़ा, नवांकुर अध्यक्ष बालाराम चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद खारोल और धर्मेंद्र मौरो सहित 100 से अधिक ग्रामीण, नवांकुर सखी और बच्चे शामिल हुए।



































