राजगढ़ के नरसिंहगढ़ में एक 1 फरवरी को एक मुखबधिर बालिका के साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है, मामले में युक्त आरोपी के द्वारा घटना से पहले एक महिला के साथ छेड़छाड़ करने की घटना भी आरोपी के द्वारा की गई थी, जांच के दौरान उक्त आरोपी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया जिसमें आरोपी एक विक्षिप्त महिला के साथ छेड़छाड़ करता दिखाई दे रहा है!
राजगढ़@टीम भारतीय न्यूज़
पुलिस के अनुसार आरोपी घटना वाले दिन ही 6 बजे नरसिंहगढ़ में आया था, आरोपी के द्वारा घटना को अंजाम देने से पहले बस स्टैंड के पास एक मंदिर में भी गया था जहां उसने मंदिर में हो रहे भंडारे मैं प्रसाद खाया इसके बाद आरोपी के द्वारा एक झोपड़ी में अपनी दादी -बुआ के साथ सो रही है 11 साल की मुकबधिर बच्ची उठाया और जंगल में ले जाकर गलत काम किया l इसके बाद आरोपी खून से लथपथ हालत में छोड़कर फरार हो गए ल
शाजापुर जिले के अवंतीपुर बड़ोदिया का रहने वाला आरोपी रमेश की दो बेटियां और एक बेटा है, जिसमें उसकी एक बेटी की शादी हो चुकी है मात्र पांचवी तक पढ़ा लिखा रमेश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना हुलिया बदल लिया ताकि सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसे कोई पहचान ना पाए यही वजह रहेगी पुलिस को उसे ढूंढने में 18 से 20 दिन लग गए इस दौरान पुलिस को 136 जगह के सीसीटीवी कैमरा को खंगल कर 400 घंटे की फुटेज मैसे 79 लोगो को चिन्हित किया गया, इस दौरान अधिकारियों ने 700 लोगो के मोबाईल डीसीआई का परीक्षण किया l
आपको बता दे की 23 साल में रमेश के द्वारा यह तीसरी बच्ची के साथ बलात्कार की घटना है, रमेश को लोअर कोर्ट द्वारा फांसी की सजा तक भी सुनाई जा चुकी है लेकिन 2019 में हाई कोर्ट के द्वारा उसे बरी कर दिया गया इसके बाद उसने 2024 में एक बच्ची को अपना शिकार बनाया था तब उसके माता-पिता ने उसे घर से निकाल दिया था!
आपको बता दे की पूरा घटनाक्रम 1 फरवरी की रात नरसिंहगढ़ का है घटना वाली रात आरोपी रमेश नें झोपड़ी में अपनी दादी और हुआ के साथ सो रही 11 साल की मुकबधीर बालिका को उठाकर जंगल में ले गया व उसके साथ बर्बरता करते हुए खून से लथपथ हालत में वही छोड़कर भाग गया!
बच्ची के पड़ोसी नें कुमरावत थाना प्रभारी संगीता शर्मा को रिपोर्ट में बताया कि मेरे घर के पड़ोस में रहने वाली एक बालिका जो मुकबधिर है अपनी दादी और बुआ के साथ में खाना खाकर सो रही थी रात करीब 2:00 बजे बच्ची की दादी उठी तो चिल्ला चोट हुई तो सब जाग गए फिर सभी ने मिलकर बच्ची को बहुत ढूंढा पर वह नहीं मिली
अगले दिन दादी और हुआ 10 बजै शौच के लिए गई तो नीम के पेड़ के नीचे बच्ची बैठी हुई थी बच्ची नें ऊपर टी-शर्ट पहन रखी थी और नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था और बच्ची बुरी तरह से घायल थी शरीर में से खून बह रहा था उसकी दादी ने बच्ची को घर लाकर कपड़े पहन कर सुला दिया
तभी मोहल्ले वालों ने बच्ची को दिखा तो उसके प्राइवेट पार्ट्स से खून बह रहा था शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान दिखाई दे रहे थे जिससे सब समझ चुके थे की बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ है
बच्ची की दादी ने बोला कि हमारा तो कोई नहीं है हम कहां जाएं तभी मोहल्ले वालों ने थाने में आकर पूरे घटना करम की जानकारी दें l
बच्चों को अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों द्वारा मासूम बच्ची के प्राइवेट पार्ट की दो बार सर्जरी की गई और वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन बच्ची के साथ हैवानियत के जख्म भरा ना पाए और बच्ची ने सातवें दिन 7 फ़रवरी को रात 9 बजै दम तोड़ दिया



































