मध्य प्रदेश के राजगढ़ में मूक-बधिर बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था जहाँ पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई। शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बीते 7 दिनों से मासूम जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थी।
मध्यप्रदेश@टीम भारतीय न्यूज़
बता दें कि बीते 1 फरवरी को नरसिंहगढ़ में वारदात हुई थी। अज्ञात आरोपी ने देर रात झोपड़ी में दादी और चाचा के बीच सो रही मूक-बधिर और मानसिक विक्षिप्त बच्ची को जंगल में ले जाकर उसके साथ हेवानियत की थी। शनिवार रात जब बच्ची अपनी झोपड़ी में नहीं मिली, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।
जंगल में बुरी हालत में मिली थी
रविवार सुबह वह रेस्ट हाउस के पीछे स्थित जंगल में बुरी हालत में मिली थी। पुलिस ने पीड़िता को नरसिंहगढ़ सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां महिला डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर गंभीर हालत देखते हुए उसे भोपाल रेफर कर दिया था। मूक-बधिर होने के कारण वह अपनी पीड़ा भी बया नहीं कर सकी। डॉकटरों ने काफी दिन तक बच्ची का इलाज किया, लेकिन अंत में उसने दम तोड़ दिया।
राजगढ़ के जंगल में इस हाल में मिली पीड़िता, गंभीर हालत में भोपाल रेफर अब तक आरोपी का नहीं मिला सुराग
बता दें कि दुष्कर्म की घटना के इतने दिनों बाद भी पुलिस को अब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला है। राजगढ़ एसपी खुद लगातार इस केस की मॉनिटिरिंग कर रहे थे। अलग-अलग पहलू पर जांच की गई। आस पास झुग्गी झोपडी में रहने वाले लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। अब देखना होगा कि कानून का हाथ कब आरोपी को पकड़ पाता है।



































