पूरे धार जिले को प्रीतम जामोद पर गर्व है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं डीआरडीओ के चेयरमैन ने किया सम्मानित..
धार@साबिर खान fm
कहा जाता है कि अगर खुद में काबिलियत हो तो प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती फिर चाहे शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण उसे उचित प्लेटफार्म मिल ही जाता है।
ऐसे ही कुछ धार जिले से सामने आया है जिससे देश प्रदेश और धार जिले वासियों को खुद पर गर्व महसूस हो रहा है।
बाग क्षेत्र के युवा ने किया कमाल डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के क्षेत्र मे ड्रोन और इंजन बनाया..
खुद में योग्यता हो तो उसे न किसी आरक्षण की आवश्यकता होती है ओर ना ही किसी औद्योगिक घरानों की वह तो बस अपने लक्ष्य पर गंभीरता के साथ अपनी कड़ी मेहनत के दम पर कदमताल कर अपने हूनर अपनी काबलियत का डंका बजाती है।
ऐसी ही प्रतिभा धार जिले के बाग के सुदूर अंचल के गांव भत्यारी के रहने वाले जामोद परिवार के होनहार यूवा प्रीतम जामोद है। जिसने बाग के महेश मेमोरियल स्कूल मे पढ़ाई कर मध्यप्रदेश के साथ देश की सेवा के लिये डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के क्षेत्र मे काँम्बैट ड्रोन और इंजन के निर्माण मे अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन कर प्रदेश व जिले का नाम रोशन किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं डीआरडीओ चेयरमैन ने किया सम्मानित..
प्रीतम जामोद की आईआईटी जम्मू के स्टार्टअप सेप एयरोस्पेस के माध्यम से उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व डीआरडीओ चेयरमेन डा.समीर वी.कामथ की मौजूदगी मे सम्मानित किया गया जो प्रदेश सहित जिले के लिए गर्व की बात है।
संघर्ष भरा रहा जीवन बचपन में गुजर गए थे पिता मां ने पढ़ाया..
प्रीतम जामोद का जीवन संघर्षों से भरा रहा है प्रीतम के पिता बचपन में ही गुजर गए जिसके बाद उनकी मां देवकी जामोद ने संघर्ष करते हुए बेटे की परवरिश कर उनकी पढ़ाई में तकलीफ नही आने दी उनकी मां देवकी जामोद का कहना है कि प्रतिभाएं आरक्षण की मोहताज नहीं होती है। मैं अपने बेटे की उपलब्धियों पर बहुत खुश हूं।
प्रीतम ने अपनी टीम के साथ डिफेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कॉम्बैट ड्रोन और इंजन बनाने के निर्माण में नई प्रौद्योगिकी विकसित कर अगली पीढ़ी के लिए एयरो स्पेस इंजन बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
मजबूत होगी देश की सुरक्षा दूसरे देशों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर..
रक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित प्रीतम जामोद ने बताया कि यह पूरा प्रोजेक्ट आईआईटी जम्मू के सेप एरो स्पेस के प्रोजेक्ट सुपरवाइजर प्रोफेसर शरमुका दास के मार्गदर्शन में पूरा किया गया है साथ ही साथी आयुष का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा के लिए हमें दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा देश की सुरक्षा भी मजबूत होगी वही एसएपी एयरो स्पेस के माध्यम से हम पायलट रहित कॉम्बैट ड्रोन और इंजन बनाने के लिए बहुत आगे बढ़ चुके हैं।
हमारी कोशिश है कि आर्मी नेवी के लिए ऐसा ड्रोन और टर्बो जेट इंजन बनाएं जो अपने दुश्मन के टारगेट को मार कर वापस अपने स्थान पर आ जाएं इस दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं।



































