सरदारपुर विकासखंड के पानपुरा स्थित खरमोर अभ्यारण में वन विभाग द्वारा खरमोर पक्षी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हजारों रुपयों की राशि खर्च कर दी गई है उसके बावजूद भी ग्रामीणों और आमजनों में भ्रांतियां है। वन विभाग द्वारा खरमोर के अधिसूचित 14 गांवों में गाडियों में साउंड सिस्टम लगाकर, दीवारों पर स्लोगन लिखने के साथ ग्रामीणों की बैठक ली गई उसके बावजूद भी ग्रामीण खरमोर पक्षी को विदेशी बता रहे हैं।
धार@साबिर खान
युवा सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भण्डारी ने जब वन विभाग से इसकी जानकारी मांगी तो अधिकारी उन्हें टालते रहे। भंडारी द्वारा सीएम हेल्प लाईन कर जानकारी निकलाई गई जिसके मुताबिक वर्ष 2021 और 2022 में खरमोर पक्षी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए करीब 25 हजार रुपए खर्च कर दिए गए। गौरतलब है कि सरदारपुर के पानपुरा में 348.12 वर्ग किमी में खरमोर अभ्यारण फैला हुआ है। 4 जून 1983 को स्वरूप में आए खरमोर अभयारण्य सरदारपुर के क्षेत्र में खरमोर पक्षी एवं अन्य वन्य प्राणी का संरक्षण एवं उनके आवास स्थल का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भण्डारी ने बताया कि हजारों रुपए खर्च कर विभाग ने खरमोर के अधिसूचित 14 गांवों में स्लोगन लिखवाने के साथ ग्रामीणों के साथ बैठकें कर सोशल मीडिया पर जागरुक करने के प्रयास किए। लेकिन वन विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी खरमोर को लेकर ग्रामीणों में भ्रांतियां जारी है। ग्रामीण आज भी खरमोर को विदेशी पक्षी मान रहे है। विभाग को प्रचार-प्रसार की योजनाओं में सुधार की आवश्यकता है।



































