हज़रत मेहबूबुल आरेफीन सूूफी अल्हाज हाफीज मोहम्मद गोस र.अ. के नाम से मशहूर बुज़ूर्ग सूफ़ी (पीरे तरीक़त) जिनका आस्ताना (दरगाह शरीफ़) शहर चालीस पीर धार जिला धार मध्यप्रदेश में स्थित है।
धार@साबिर खान
प्रतिवर्ष दरगाह शरीफ़ पर उर्स का आयोजन किया जाता है। जिसमें प्रदेश ही नहीं बल्कि देश से ज़ायरीन आते है। उर्स के दौरान पूरी रात महफ़िले सिमा अर्थात क़व्वाली का कार्यक्रम आयोजित होता है जिसमें देश की मशहूर क़व्वाल पार्टियां सूफ़ियाना कलाम पैश करती हैं। साथ ही एक बड़े लंगर का भी आयोजन होता है जिसमें हज़ारों की संख्या में सभी धर्म तथा समाज के लोग बिना किसी भेदभाव के दरगाह पर हाज़िर होते हैं तथा अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। विगत 17 वर्षों से यह स्थान सर्वधर्म सम्भाव तथा साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बना हुआ है। हजरत हाफीज मोहम्मद गोस र अ के बाद इस परंपरा को उनके उतराधारी हज़रत सूफी मोहम्मद इकबाल गौस कादरी उर्फ प्यारु मिया साहब इसे बखूबी निभा रहे हैं उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया की हाफीज मोहम्मद गोस एक ऐसे सूफी संत थे जिन्होंने पूरी जिंदगी लोगो को इंसानियत का पाठ पढ़ाया और सभी धर्म समाज का आदर सम्मान हमेशा सिखाया उनके द्वारा शिक्षा को भी जोर दिया समाज में आज भी उनके द्वारा बड़नगर जिला उज्जैन में उनके द्वारा स्थापित मदरसे में आज भी सैकड़ो बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उक्त जानकारी मोहसिन कुरेशी द्वार दी गई।



































