प्राथमिक माध्यमिक और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मध्यान भोजन और नाश्ता देने वाली स्व सहायता समूह की महिलाओं को पिछले 5 माह से मानदेय और अन्य समस्याओं को लेकर महिलाओं ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार योगेंद्र सिंह मोर्य को तहसील कार्यालय में जा कर सोंपा।
धरमपुरी@सय्यद जफर अली
सोमवार को प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ की विकासखंड इकाई के अध्यक्ष रानू चौधरी के नेतृत्व में मोरगड़ी,पगारा,धामनोद, कोठीदा,बलवारी, सिरसोदिया, बगड़ीपूरा,तारापुर,सुन्द्रेल,सहित कई ग्रामीण क्षेत्रो की स्व सहायता समूह की सदस्यों सहित बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील कार्यालय पहुची,महिलाओं ने बताया कि उन्हें अगस्त 2020 से अभी तक मानदेय नही दिया गया है,वही लॉकडाउन के दौरान सूखा राशन वितरण संस्थाओं के शिक्षकों के द्वारा किया जा रहा है लेकिन राशन दुकान से राशन लाकर हितग्राही बच्चों के घर-घर बांटने जाने में लगने वाला वाहन व्यय शिक्षकों द्वारा संबधित स्व सहायता समूह से वसूला जा रहा है,वाहन किराया न देने पर स्व सहायता समूह को हटाने की धमकी दी जा रही है, जिसके कारण स्व सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है,सुन्द्रेल की सावित्रीबाई, बगड़ीपुरा स्व सहायता समूह की विकलांग और विधवा सदस्य ने बताया कि स्व सहायता समूह से मिलने वाले मानदेय से परिवार की तीन बालिकाओं और एक बालक सहित चार सदस्यों का भरण पोषण होता है किंतु पिछले 5 माह से मानदेय नही मिलने से उनके परिवारों के सामने भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है,ऐसी ही स्थिति ब्लॉक के कई ग्रामीण क्षेत्रो में विधवा आदिवासी हरिजन सभी बीपीएल महिलाएं जो विधवा हो कर स्व सहायता समूह के माध्यम से कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है,समूह की महिलाओं ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि स्व सहायता समूह की महिलाओं को मानदेय समय पर भुगतान करने के साथ-साथ मानदेय भी बढ़ाया जाए,ज्ञापन की प्रति जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ,जनपद पंचायत सीईओ, विकास खंड शिक्षा अधिकारी और बी आर सी को ज्ञापन की प्रतियां उनके कार्यालय पंहुचकर सौंपी गई है।


































