ज़मीन से मीलों ऊपर जंगली पहाड़ी पर बसा रिचकुड़ी गाँव जहाँ ना बिजली, ना आने जाने के लिए वाहन और ना कोई संसाधन अगर इस बयाँ बान में क्रिकेट मैच चल रहा हो तो चौकना लाज़मी है।
दमोह@इम्तियाज़ चिश्ती
जी हाँ दमोह से 60 किलोमीटर दूर सिग्रामपुर पुर जहाँ घने जंगल के बीच पहाड़ी पर स्थित रिचकुड़ी टोला जहाँ पहाड़ी की चोटी परआबाद है आदिवासियों की एक छोटी सी बस्ती लेकिन यहाँ पर भी कोई सचिन बनना चाहता है तो कोई राहुल द्रवण इसलिए यहाँ के बच्चे जंगल की लकड़ी के बैट बनाकर क्रिकेट खेलते देखे जा सकते है। इन आदिवासी टोला के बच्चे बच्चियों के क्रिकेट को देखकर आमिर खान की लगान फ़िल्म के मैच की याद ताजा हो गई । ख़ास बात ये है कि यहाँ क्रिकेट का खुमार यहां की लड़कियों में जमकर है । भले ही क्रिकेट खेलने कोई संसाधन भले ही ना हों लेकिन हर दिन यहां इसी तरह पहाड़ी की चोटी पर स्थित मैदान इन्हें ईडन गार्डन मैदान से कम नहीं । आदिवासी समुदाय की बच्चियों में क्रिकेट का जुनून इसकदर की इनका खेल देखकर अच्छे अच्छे दाँतों तले अंगुली दबा लें इन बच्चियों के खेलने की ख़बर दमोह के समाजिक संगठन सिविल सोसायटी को लगी तो संगठन ने बच्चियों के प्रोत्साहन के लिए यहीं इनके बीच क्रिकेट मैच आयोजित कराया और क्रिकेट खेलने की पूरी एक किट बच्चियों को दी भेंट की । सिविल सोसायटी के लोगों ने जब इन बच्चियों को क्रिकेट खेलते देखा तो देखते ही रह गए , क्रिकेट भी एकदम देशी अंदाज में अगर बैट नहीं तो जंगल से बिनी हुई लकड़ी ही बैट का काम करती और रन पर रन बनाकर चौके छक्कों की बौछार करने से भी नहीं चूकते ,तो वही मैदान में दर्शक दीर्घा में बैठर बच्चों की हौसला बढ़ात देखे जा सकते है ।


































