मध्य प्रदेश के बैतूल में सरकार किसानों के साथ कैसा मजाक कर रही है इसका उदाहरण बैतूल से इंदौर के बीच बन रही फोरलेन सड़क में देखने को मिल रहा है ,जहां किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है उसको लेकर किसी किसान को 181 रुपए का मुआवजा मिल रहा है तो किसी को कम मुआवजा मिल रहा है तो किसी को ज्यादा मुआवजा मिल रहा है, नाराज किसानों ने बैतूल एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और सही मुआवजा दिलाने की मांग की ।
बैतूल@टीम भारतीय न्यून्यूज़,
बैतूल से इंदौर के बीच बन रही फोरलेन सड़क में जोगली गांव की किसानों की जमीन घर दुकान पेड़ टॉयलेट आदि अधिकृत किए गए हैं । इनमें से एक भूमि स्वामी दीपचंद रावत है जिनके पास नोटिस आया कि उनका मकान अधिग्रहित किया गया है ,और इसका मुआवजा 181 रुपए बना है । ऐसा अकेले दीपचंद के साथ नहीं हो रहा ऐसे कई किसान हैं जिन के मामले में गंभीर अनियमितता देखने को मिल रही है । इसी गांव के किसान राम भगत जिनकी जमीन ज्यादा अधिग्रहित हुई है और उनको मुआवजा मात्र 73921रुपये मिल रहा है उन्हीं के पड़ोसी किसान रामपाल की जमीन उनसे कम जा रही है लेकिन उनको मुआवजा 6 लाख 79912 मिल रहा है ।
किसानों का आरोप है कि मुआवजे को लेकर जो नोटिस जारी किए गए हैं उनमें अंको में मुआवजे की राशि कम दर्शाई गई है और शब्दों में ज्यादा दर्शाई गई है । इससे लगता है कि अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन नहीं किया है । जिसके कारण इतनी गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। किसानों का यह भी कहना है कि फोरलेन सड़क के किनारे जो उनकी जमीन है उसका रेट 1000 से 2000 रुपये स्क्वायर फीट है लेकिन उन्हें 8 स्क्वायर फीट से मुआवजा दिया जा रहा है । इतनी कम राशि में इतनी जमीन भी कहीं और नहीं खरीद पाएंगे । किसानों ने मांग की है कि फिर पुनः सीमांकन कराकर उनका सही मुआवजा दिलाया जाए ।
किसानों की शिकायत पर बैतूल एसडीएम सी एल चनाप का कहना है कि टू लेन सड़क का मुआवजा जो अटका हुआ है वह 1 सप्ताह में मिल जाएगा । फोरलेन सड़क के लिए जो मुआवजा दिया जा रहा है वह भू अर्जन अधिनियम के तहत दिया जा रहा है ,अगर मुआवजे को लेकर कोई त्रुटि या भ्रांति है उसका निराकरण किया जाएगा ।
टीम भारतीय न्यूज


































